सिरसी के गांव पौटा और बराही में 200 से अधिक लोग बीमार हैं। अधिकतर को बुखार है। कुछ लोग गांव में उपचार करा रहे हैं। तमाम लोग मुरादाबाद, संभल, सिरसी और महमूदपुर के चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। गांव में अभी तक डाक्टरों की टीम नहीं पहुंची है। दो दिन पहले पोटा निवासी मजदूर गनपत (45) की बुखार के चलते मौत हो गई है। गनपत के बेटे जगपाल ने बताया कि उसके पिता को चार दिन से बुखार आया था। रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। सप्ताहभर से दोनों गांव में बुखार ने पांव पसार लिए हैं। गांव में बीमारी की दहशत है।
सिरसी के गांव बारीपुर भमरौआ में बुखार से 15 दिन के भीतर चार लोगों की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगा बुखार से पीड़ित लोगों को दवाइयां दीं। गंभीर रूप से बीमार लोगों के खून के नमूने लिए गए। बारीपुर भमरौआ में स्वास्थ्य विभाग मौसमी बुखार की पुष्टि कर रहा है। लेकिन पौटा और बराही गांव में अभी स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची है।
सपा नेता सुहेल इकबाल ने ग्रामीणों की स्थिति देख कर चिकित्साधीक्षक डा. जुहेब करीम को अवगत करा दिया है। ग्रामीणों की माने तो पौटा गांव में तकरीबन 100 लोग बुखार से पीड़ित होंगे। गांव बराही में मरीजों की संख्या 100 से कम नहीं है। बुखार से पीड़ित सभी लोगों को लगभग एक जैसे लक्षण हैं। सर्दी लग कर बुखार आना और शरीर में कमजोरी। डा. जुहेब करीम ने बताया कि पौटा और बराही में टीमें गुरुवार को भेजी जाएंगी।
वहीं, गांव चाचूनागल निवासी सुरेश सैनी का 16 वर्षीय बेटा सचिन की मंगलवार की रात को उपचार के दौरान मौत हो गई। पीड़ित पिता ने बताया कि दो दिन से अचानक बुखार आ गया। पहले गांव के चिकित्सक को दिखाया। फायदा नहीं होने पर संभल के निजी अस्पताल ले गए।
मंगलवार रात को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। किशोर गांव सौंधन स्थित एक इंटर कॉलेज में ग्यारवीं कक्षा का छात्र था। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। गांव में बनेश, सुखवीर, चंद्रपाल, पवन आदि बुखार से पीड़ित हैं।