बनियाठेर थाने के मोहम्मदपुर बाबई गांव में विद्युत विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना प़डा। हाईटेशन व एलटी लाइन के आपस में टकराने से फाल्ट हो गया। उसके बाद घरों में हाइटेंशन करंट द़ौड़ गया। एक पशु की मौत हो गई, कई ग्रामीणों को झटके लगे। करीब दो सौ मीटर फुंक गए। करीब चार घंटे लोग दहशत में रहे। लेकिन किसी भी विद्युत अधिकारी ने फोन रिसीव नहीं किया।
विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने गांव के विद्युतीकरण के दौरान हाईटेंशन व एलटी लाइन एक ही पोल से गुजार दिया गया। जिसका ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया था। अधिशासी अभियंता, उप खंड अधिकारी व अवर अभियंता व प्रशासन को सूचना भी दी थी। जिलाधिकारी को भी एक लिखित पत्र देकर शिकायत की थी। क्योंकि इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन किसी अधिकारी ने ग्रामीणों की बात को नहीं सुना।
आखिरकार बिजली सुचारू हो गई, लेकिन शुक्रवार को करीब एक बजे हाइटेंशन लाइन भार के कारण झुक गई और दोनों लाइनों के तार आपस में टकरा गए, जिससे तेज धमाका हुआ, इसके साथ ही गांव के सभी घरों में करंट प्रवाहित हो गया। जिससे करीब 200 मीटर जलकर राख हो गए।
राजपाल जाटव की करीब साठ हजार रुपये कीमत की भैंस करंट से मर गई। गांव के प्रेमपाल सिंह, चांदनी पुत्री नेम सिंह, उपदेश, लोकेश पाल तथा निहाल सिंह की पुत्री सहित छह ग्रामीणों को करेंट से जोरदार झटका लगा।
कई घंटे लगाकर विद्युत विभाग के कर्मचारियों को फोन पर सूचना देने का प्रयास किया गया, लेकिन अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता समेत किसी अधिकारी ने फोन रिसीव नहीं किया। कुछ के फोन स्विच ऑफ मिले।
आखिरकार, ग्रामीणों ने बिजली घर पर जाकर गांव की बिजली बंद कराई। चार घंटे पूरे गांव में ग्रामीणों ने आवाज लगाकर लोगों को सचेत किया कि कोई भी व्यक्ति बिजली का स्विच या तार न छुए, कोई भी विद्युतचालित उपकरण न चलाए। विद्युतापूर्ति बंद होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।