चंदौसी। थाना जुनावई क्षेत्र में बालक से दुष्कर्म के मामले में वर्ष 2022 में तहरीर दर्ज कराई गई थी, जिसमें न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दोषी भगवान सिंह उर्फ भगवान स्वरुप को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 25500 रुपये के अर्थदंदड से दंडित किया है। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (रेप केसेस एण्ड पॉक्सो एक्ट) में हुई।
थाना जुनावई के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने एक तहरीर थाना पुलिस को दी। जिसमें बताया कि 21 मई 2022 की शाम करीब चार बजे मेरा आठ वर्षीय बेटा अपने घर से ट्यूबवेल पर नहाने गया था। उसी समय आरोपी भगवान सिंह उर्फ भगवान स्वरुप वहां आ धमका और बेटे को खींच कर ट्यूबवेल की कोठरी में ले गया। जहां बेटे को बांध कर गलत काम किया। विरोध करने पर मारपीट भी की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के बाद साक्ष्यों को जुटा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (रेप केसेस एण्ड पॉक्सो एक्ट) निर्भय नारायण राय के न्यायालय में हुई। शासकीय अधिवक्ता पॉक्सो नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि न्यायालय ने भगवान सिंह उर्फ भगवान स्वरुप को पॉक्सो एक्ट व मारपीट के मामले में दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास व 25500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।