चंदौसी (संभल)। 108 व 102 की तर्ज पर शासन ने अब छुट्टा व पालतू पशुओं के लिए भी चिकित्सा हेल्प लाइन नंबर 1962 शुरू किया है। जनपद को नौ पशु एंबुलेंस मिली है। एक निजी कंपनी द्वारा एंबुलेंसों का संचालन किया जाएगा। जनपद में आठ ब्लाॅकों पर यह एंबुलेंस तैनात रहेगी। जबकि एक एंबुलेंस को जिला मुख्यालय पर तैनात किया जाएगा। शीघ्र ही यह चिकित्सा सेवा पशुओं को दी जाएगी।
अब राज्य सरकार ने छुट्टा व पालतू पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सा हेल्प लाइन नंबर 1962 प्रारंभ किया गया। जिससे कहीं पर भी कोई पालतू व छुट्टा पशु बीमार व हादसे में घायल हो जाता है। तो लोग 1962 नंबर कॉल करेंगे तो शीघ्र ही पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सा टीम उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे अब पशुओं को घायल व अधिक बीमार पशुओं को पशु चिकित्सालय लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए जनपद को नौ एंबुलेंस मिली है। जो जनपद के आठ ब्लॉकों पर एक-एक एंबुलेंस तैनात करा दी गई। इसके अलावा एक एंबुलेंस को जनपद मुख्यालय पर तैनात किया गया है। पशु चिकित्सक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि जनपद में आई पशु एंबुलेंसों का संचालन निजी कंपनी द्वारा किया जाएगा। अभी सभी एंबुलेंस को स्टाफ तैनात नहीं किया गया है। तीन- से चार दिन में स्टाफ की तैनाती के बाद पशु हेल्प लाइन नंबर 1962 की सेवा पशुओं को मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सेवा प्रारंभ होने के बाद एक दिन सभी एंबुलेंस कॉल पर भेजी जाएगी तथा दूसरे दिन ब्लॉक मुख्यालयों के गांवों में कैंप किया जाएगा। ताकि प्रदेश सरकार द्वारा की गई सुविधा का लाभ हर किसान के पशुओं को मिल सके।