बबराला। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा में स्नान के लिए तड़के ही भीड़ उमड़ पड़ी और स्नान का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान कर हवन पूजन किया। इस दौरान गंगा तट पर मां गंगा के जयकारों से गूंज उठा।
भादो के कृष्ण पक्ष में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर गंगा तट राजघाट पर सोमवार सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला आरंभ हो गया। पर्व पर व्रत रखने वाले सभी भक्तों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना कर मन्नत मांगी और अपने पूर्वजों के नाम की भगत बजवाई। मान्यता है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर गंगा में स्नान करने से काफी पुण्य मिलता है। ऐसा पुराणों में कहा गया है। संस्कृति के रीति रिवाजों को लोग आज भी निभा रहे हैं। इसकी झलक गंगा में स्नान करने वालों को देखकर मिलती है। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने सूरज को अर्घ्य भी दिया। कुछ लोगों और महिलाओं ने पुरोहितों से बाकायदा पूजा अर्चना करते हुए परिवार की मंगल कामना की। गंगा नदी का जलस्तर अधिक होने के बावजूद आस्था कम नहीं हुई और श्रद्धालुओं ने सावधानी पूर्वक स्नान किया। जबकि बारिश के दौरान श्रद्धालु भीगते नजर आए। जहां पुलिस व सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता श्रद्धालुओं को गंगा घाट पर गहरे स्थानों से दूर रहने को सजग करते रहे। स्नान का सिलसिला शाम तक जारी रहा।
जाम में फंसे वाहन, राहगीरों को रही परेशानी
बबराला। राजघाट गंगा में स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालुओं की वजह से भागीरथी मार्ग पर जाम लग गया। इससे न केवल वाहनों को निकलने में दिक्कत हुई बल्कि राहीगरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जहां पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारु कराया।
महिला श्रद्धालुओं ने मेले में खरीदारी
बबराला। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर में राजघाट गंगा में स्नान के लिए पहुंची महिला श्रद्धालुओं ने घाट पर लगे मेले में घरेलू आदि सामान की खरीददारी की। मीना बाजार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। जहां महिला पुलिस कर्मियों ने निगरानी की।