एक बार में दिया तीन तलाक, पंचायत ने ठोंका दो लाख जुर्माना
संभल तहसील के मूसापुर का मामला, तुर्क बिरादरी की पंचायत ने ठोंका जुर्माना
संभल के रायसत्ती स्थित मदरसा खलील उल उलूम में हुई पंचायत
अमर उजाला ब्यूरो
संभल।
एक बार में तीन तलाक देना एक व्यक्ति के लिए महंगा पड़ गया। तुर्क बिरादरी की पंचायत में पति पर दो लाख रुपये का जुर्माना डाला गया। पंचायत ने मेहर के 60,000 रुपये भी पीड़िता को दिलवाए हैं। पंचायत में तय किया गया कि अगर कोई व्यक्ति गुस्से में आकर तीन तलाक देता तो उस पर इसी तरह से जुर्माना डाला जाएगा।
मामला मूसापुर गांव का है। गांव एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने तीस वर्ष से कम उम्र की महिला से निकाह किया था। निकाह के बाद ही पति पत्नी में विवाद रहने लगा। अनबन के माहौल में दस दिन पहले पति-पत्नी में कहासुनी हुई और इसी दौरान पति ने तलाक, तलाक, तलाक बोल दिया। महिला अपने मायके चली गई। महिला के परिजनों ने यह मुद्दा तुर्क बिरादरी के जिम्मेदार लोगों के सामने आया तो उन्होंने रविवार को मदरसा खलील उल उलूम में आयोजित पंचायत में चर्चा की। पंचायत के चेयरमैन लियाकत हुसैन ने बताया कि एक बार में तीन तलाक देने वाले व्यक्ति पर पंचायत में सर्वसम्मति से 2 लाख रुपये का जुर्माना डाला गया है। जुर्माना वसूलने के साथ पूरा दहेज का सामान वापस कराया गया। मेहर के 60 हजार रुपये भी लड़की पक्ष को दिलाए गए हैं।
तमाम ऐसे लोगों लिए पंचायत का यह फैसला नसीहत भी है जो गुस्से में आकर किसी युवती को एक बार में तीन तलाक देकर संबंध विच्छेद कर रहे हैं। असल में यदि संबंध खराब भी हैं तो एक बार में तीन तलाक की जरूरत नहीं है। लड़की को भी एक तलाक देकर मौका दिया जाना चाहिए। पंचायत की अध्यक्षता असरार बाबू जी ने की। संचालन शाहिद हुसैन चेयरमैन ने किया। आरिफ प्रधान,शाहिद हुसैन, डा. जावेद, इमरान तुर्की, सलीम प्रधान, मुशाहिद हुसैन, मुख्तार सलीम, मुखिया खालिद, दिलशाद, हाजी तालिब, याकूब चेयरमैन, हनीफ प्रधान, फरमान, मौलाना लियाकत, हाजी इकरार, मेंबर रजा, हारुन, हाफिज रिजवान, शफायतउल्ला आदि शामिल रहे। अगली पंचायत एक जुलाई को इसी मदरसे में बुलाने का निर्णय लिया गया है।
सामाजिक सुधार के लिए काम कर रही तुर्क बिरादरी
संभल। तुर्क बिरादरी की पंचायतों का सिलसिला करीब छह महीने से चल रहा है। पंचायतों में दहेज प्रथा का विरोध हो रहा है। कम से कम खर्चे में बेहतर तरीके से शादी ब्याह करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। शादियों में फिजूलखर्ची करने वालों पर निगरानी की जा रही है। पंचायत में तुर्क बिरादरी के जिम्मेदार लोगों की अहम भूमिका है। पंचायतों के लिए अहम पहल करने वाले लियाकत चेयरमैन का कहना है कि पंचायतों का सिलसिला जारी रहेगा। क्योंकि इसके माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर सीधी चोट हो रही है। लोगों में सुधार भी हो रहा है।
पंचायतों का मुख्य मकसद
शादी, ब्याह और विभिन्न समारोहों में फिजूलखर्ची और दहेज को रोकना
पंचायत के फैसलों का उल्लंघन करने पर जुर्माना वसूलना
बेटियों को पढ़ाने और कम से कम खर्च में शादी ब्याह करने के लिए समाज को प्रेरित करना
पीड़ित और कमजोर व्यक्तियों की मदद में समाज के मजबूत लोगों को खड़ा करना
बारात देर से पहुंचने पर ढाई-ढाई हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। शादी में डांस पार्टी बुलाने पर 1100 रुपये वसूला गया। मायके वालों से अनावश्यक नेग दहेज लेने पर 15,000 रुपये जुर्माना वसूला गया है। पंचायतों के जरिए यह नसीहत भी दी गई है कि कोई भी व्यक्ति रिश्ता तय करते समय 11,000 रुपये से ज्यादा न दे। अगर किसी ने रिश्ता तय करते वक्त इससे अधिक दिया तो उससे भी जुर्माना वसूला जाएगा।
शाहिद हुसैन, मूसापुर के पूर्व प्रधान व तुर्क बिरादरी के नेता।
पंचायत ने तय किया है कि तुर्क बिरादरी का कोई व्यक्ति अगर एक बार में तीन तलाक देता है तो उस पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना हैसियत देख कर अधिक से अधिक लगाया जाएगा।
लियाकत हुसैन, गोविंदपुर के पूर्व प्रधान. तुर्क बिरादरी में नेता।