संभल/बबराला। एक के बाद एक चकबंदी में लगातार फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। कहीं अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर सरकारी जमीन को किसानों के नाम कर दिया तो कहीं हाइवे व तालाब की कीमत लगातार उसे चकबंदी में शामिल करके नियम विरुद्घ तरीके से लाभ पहुंचाया गया। ऐसा ही फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है गंगा किनारे के गांव सिसौना सैलाब में। जहां चकबंदी अधिकारियों व कर्मचारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए कुछ असरदार लोगों को फायदा पहुंचाया है। जिसकी शिकायत क्षेत्रीय विधायक ने मुख्यमंत्री से की है। गांव के गरीब किसानों के खेत चकबंदी में चले गए, लेकिन पैमाइश के बाद उन्हें नए चक नहीं मिले है। लिहाजा अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी किसान मायूस नजर आ रहे है।
गुन्नौर तहसील के गांव सिसौना सैलाब में चकबंदी चल रही है। वर्तमान में पैमाइश कराके कब्जा परिवर्तन कराया जा रहा है। किसानों के पुराने खेत चकबंदी की पैमाइश में खो गए अब नए आवंटित चक सीमांकन करके दिए जा रहे है। अब तक कागजों में चली चक परिवर्तन व विस्थापन की कार्यवाही किसानों को पता नहीं लगी, लेकिन जैसे ही भौतिक रूप से चकों का कब्जा परिवर्तन हुआ तो बड़ा मामला सामने आया है। किसानों की शिकायत के बाद क्षेत्रीय विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू यादव ने पहले शासन में अब बहजोई मुख्यमंत्री से शिकायत की है कि इस गांव में गरीब किसानों की हाइवे किनारे की जमीन पर कुछ असरदार लोगों के नाम पर चकों को आवंटित कर दिया है। जिससे किसानों की कीमती जमीन देकर नियम विरुद्घ तरीके से असरदार लोगों को फायदा पहुंचाया गया है। जिससे गांव के 200 से अधिक किसान प्रभावित हुए है। तमाम किसानों को जमीन नहीं मिली है।