संभल। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने वर्ष 2017 में छोटे किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने की योजना लागू की थी लेकिन अभी तक सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल सका है। लोकसभा चुनाव के चलते तीन महीने तक पूरी प्रक्रिया ही इस योजना में ठप रही।
किसान अपनी पात्रता के बाद भी भटकते रह गए। कुछ किसान तो ऐसे हैं जो अपनी पात्रता साबित करने के लिए बैंक और कृषि विभाग के दफ्तरों में चक्कर काटते काटते थक गए और अब कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। किसानों से जब अमर उजाला ने उनकी परेशानी पूछी तो वे सवाल करने लगे कि क्या अब हमें लाभ मिल जाएगा। जब उन्हें बताया कि हम अमर उजाला से आए हैं और आपकी परेशानी समझना चाहते हैं। इस पर उन्होंने फिर पूछा हमें अब आप ही बताएं कि हम कितनी भागदौड़ करें। इस बीच कृषि विभाग जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक सरकारी ऋण माफी की योजना अभी बंद नहीं हुई है।
योजना में जिन किसानों की पात्रता संबंधी शिकायतों का क्रम लंबे समय से जारी है। लोकसभा चुनाव से पहले तक 5200 किसानों की शिकायतें पोर्टल पर प्राप्त हुईं थीं। इनकी पात्रता जांच चल रही है। इसमें से 200 किसानों के ब्योरे को कृषि विभाग ने संबंधित बैंक शाखा और राजस्व लेखपाल के पास भेजे हैं।
दोनों जगह से आख्या आने के बाद कृषि विभाग पात्रता का ब्योरा कृषि विभाग के पोर्टल पर अपडेट करेगा। तब लखनऊ से ऑनलाइन किसानों के खाते में ऋण माफी का धन आएगा।
इस काम में कितना वक्त लग जाएगा यह बात अभी जिला कृषि अधिकारी डा. नरेंद्र मौर्य को भी नहीं पता है लेकिन उनका कहना है कि हम अपनी तरफ से पूरी तैयार कर रहे हैं ताकि जैसे ही विभाग के मुख्यालय का निर्देश प्राप्त हो तत्काल पात्रता विवरण को आन लाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिाय जाए। उन्होंने बताया कि पात्रता तभी अपलोड होती है जब पोर्टल खुला हो। अभी तो प्रक्रिया चल रही है।