चंदौसी। विश्व पर्यावरण दिवस बुधवार को मनाया जाएगा। इस पर वन विभाग ने पौधरोपण की तैयारी के साथ-साथ पौधरोपण कराने व पौधों की सुरक्षा के लिए भी कार्ययोजना तैयार की है। जिसके तहत जिले में सभी 556 ग्राम प्रधानों को वन संरक्षक नामित किया गया है। कार्ययोजना के तहत मार्च-2020 तक जिलेभर में 19.02 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। जिसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
संभल जिले में वन विभाग की 10 पौधशालाएं हैं। जिसमें इस समय करीब 24 लाख पौध तैयार हैं। जिला वनाधिकारी डीके चतुर्वेदी ने बताया कि किसी एक दिन में अधिकाधिक पौधरोपण की योजना नहीं है, क्योंकि इस बार पौधरोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। ताकि पौधे वृक्ष बनकर लोगों को छाया व फल दे सकें। प्रकृति को भी लाभ पहुंचे। ताकि इंसानों की जिंदगी सुरक्षित हो सके। संभल जिले के कुल 24 लाख पौधों में से 21 लाख पौध रोपित किए जाएंगे। जिले का लक्ष्य 19.02 लाख पौध रोपण का है जो मार्च-2020 तक पूरा किया जाएगा। सबसे खास बात तो यह है कि इस बार जोर पौधे लगाने के बाद उनके संरक्षण पर दिया जा रहा है। इसके लिए जिलेभर के सभी 556 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को वन संरक्षक नामित किया गया है। ग्राम पंचायतों को जो पौधे रोपित होंगे, उनकी देखभाल की जिम्मेदारी इन्हीं प्रधान वन संरक्षकों को दी जाएगी। इनकी जिम्मेदारी होगी कि पौधे सुरक्षित रहें। इसके लिए पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी प्रधानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण सभी पौधशालाओं पर दिया जाएगा। उन्हें पौधों की प्रकृति के बारे में समझाते हुए उन्हें सुरक्षित रखने के तरीके भी सिखाए जाएंगे।
-----------------
संभल जिले में अभी तक की जो कार्ययोजना के अनुसार 1902000 लाख पौधों को बरसात से लेकर मार्च-2020 तक लगाने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को 15 अगस्त तक 45 प्रतिशत तक पूर्ण कर लिया जाएगा। पिछले साल जिलेभर में 872000 पौधे लगाए गए थे लेकिन देखरेख के अभाव में अधिकांश पौधे नष्ट हो गई लेकिन वन विभाग ने पिछले साल 92 हजार पौधरोपण किया था, उसके 95 फीसदी पौधे अभी भी जीवित हैं।
-डीके चतुर्वेदी, जिला वनाधिकारी (डीएफओ) संभल।