संभल/असमोली। गन्ने का बीज तैयार कर रहे किसान को ईख के खेत में तेेंदुआ दिखाई दिया। जिसे देखते ही चीख निकल गई और उल्टे पांव भागने लगा। किसान को भागता देख अन्य किसान भी भागने लगे। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो लाठी डंडे लेकर ईख के खेत पर पहुंचे। घेराबंदी कर पुलिस और वन विभाग की टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने ईख के खेत और आसपास तेंदुए की तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला। वन विभाग का कहना है कि जमीन सूखी है इसलिए पद चिन्ह दिखाई नहीं दिए लेकिन ग्रामीणों से सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
सोमवार की सुबह साढ़े नौ बजे करीब असमोली थाना क्षेत्र के गांव ढकिया गालबपुर निवासी नेमपाल पुत्र महताब ने तेंदुए का शोर मचाया। जिसे सुनकर ईख के खेत पर काम रहे लोग भी गांव की ओर भाग गए। दरअसल नेमपाल अपने भाई ब्रह्म सिंह, सत्यवीर और सत्यपाल के साथ गन्ने का बीज तैयार कर रहे थे। अचानक वह ईख के खेत में अंदर गए तो तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। वह शोर मचाते हुए बाहर को भागे। जिसे सुनकर उनके भाई भी भागने लगे। ईख में तेंदुआ होने की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो हड़कंप मच गया। लाठी डंडों के साथ ईख का घेराव कर दिया। साथ ही पुलिस और वन विभाग की टीम को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने ईख के खेत समेत आसपास के खेतों में तेेंदुए की तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला। किसान ने वन विभाग की टीम को बताया कि वह गन्ने की बुआई के लिए बीज तैयार करा रहे थे।
इसी दौरान वह ईख के अंदर को गए तो तेेंदुआ बैठा हुआ था। उसे देखते ही चीख निकल गई। अचानक भागे तो कमीज की ऊपरी जेब में रखा मोबाइल भी गिर गया। किसान का मोबाइल पुलिस और वन विभाग की टीम को खोजबीन के दौरान मिला।
वहीं वन क्षेत्राधिकारी अमरकांत सिंह ने बताया कि तेंदुए की खोजबीन पुलिस टीम के साथ की गई है। जमीन सूूखी होने की वजह से किसी जानवर का पद चिन्ह नहीं मिला है। लेकिन ग्रामीणों से सतर्कता बरतने को कहा गया है। यदि कोई जानवर दिखाई देता है, तो तुरंत सूचना देने के लिए कहा है।