संभल के गांव नूरियो सराय में खराब पड़ा इंडिया मार्का हैंडपंप।
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जिले में दूषित पानी का मसला गंभीर है। जिले के 32 गांवों का मामला राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में चल रहा है। एनजीटी के आदेशों के बाद जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की सेहत के मद्देनजर अहम निर्णय लिया है। प्रभावित गांवों में सरकारी हैंडपंपों के पानी का परीक्षण कराया गया है।
इसमें अब तक 213 हैंडपंपों का पानी दूषित होने की बात जांच रिपोर्ट में सामने आई थी। जल्द ही सभी हैंडपंपों को बंद कराया जाएगा। इन 213 में 146 हैंडपंप ऐसे हैं जिनके पानी में आर्सेनिक की मात्रा खतरनाक स्तर तक है। अब इन हैंडपंपों को उखड़वाया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने निर्देश दिए हैं।
दूषित पानी की वजह से कैंसर जैसी घातक बीमारी की चपेट में आकर संभल जिले में कई ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। हालांकि दूषित पानी का मामला राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में जाने के बाद जल निगम ने सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी की जांच कराई थी। दूषित पानी की पुष्टि होने के बाद हैंडपंपों पर लाल स्याही से चिह्न लगाए गए थे। इस मसले में जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने और गंभीर रुख अपनाया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने बताया कि जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जिन 146 हैंडपंपों में आर्सेनिक की मात्रा पाई गई थी। उन्हें उखड़वा दिया जाए। यह कार्य खंड विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान कराएंगे। उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है। क्योंकि ज्यादा आर्सेनिक के कारण कैंसर का खतरा होता है।