संभल। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और किसानों ने सोमवार को दोपहर 12 बजे एसडीएम कार्यालय परिसर में धरना देना शुरू किया। ज्ञापन देने के लिए किसानों ने एसडीेएम को बुलाया पर जब उन्हें देरी हुई तो किसानों ने जाम लगा दिया। पौन घंटे तक यातायात बाधित रहा। किसानों की मुख्य मांग गन्ने की अवैध खरीद रोकना और बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान दिलाए जाने की रही। इसके साथ ही आलू की मंदी को लेकर सरकारी खरीद कराए जाने की मांग की गई। दूध की मंदी पर सरकार से पैकेज मांगा गया। बिजली कनेक्शन के लक्ष्य कम होने पर रोष व्यक्त किया गया।
किसान आंदोलन का नेतृत्व भाकियू के प्रांतीय महासचिव बिजेंद्र सिंह यादव और जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव कर रहे थे। इसमें करीब 20 गांवों के किसान शामिल थे। आंदोलनकारी किसान विद्युत विभाग के कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद जुलूस बनाकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। धरना देना शुरू कर दिया।
किसानों का धरना एसडीएम कार्यालय के परिसर में शाम पांच बजे तक चलता रहा। किसान एसडीएम से धरना स्थल पर आकर ज्ञापन लेने का आग्रह अपने माइक से कर रहे थे लेकिन एसडीएम बहजोई में थे। हालांकि साढ़े तीन बजे के करीब तहसीलदार आए लेकिन वह कुछ जल्दी में थे और उन्होंने किसानों से ज्ञापन देने का आग्रह किया लेकिन वह तत्काल ही ज्ञापन चाहते थे जबकि आंदोलनकारियों का कहना था कि थोड़ा इंतजार करें।
जब तहसीलदार ने इंतजार नहीं किया और वह चले गए। इस पर किसान एडीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। किसानों का आरोप था कि तहसीलदार का रुख किसानों के प्रति सकारात्मक नहीं था। तहसीलदार के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए भाकियू के नेतृत्व में सवा पांच बजे किसान एसडीएम कार्यालय के सामने सड़क पर उतर आए। जाम तब खुला जब शाम छह बजे एसडीएम दीपेंद्र यादव पहुंचे।
एसडीएम ने ज्ञापन लेते हुए कहा कि किसानों ने जो मांगें उठाईं हैं उनके बारे में जिलाधिकारी को अवगत कराएंगे। एसडीएम ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन किया। संचालन सत्यवीर यादव ने किया। रविंद्र पप्पू, महीदेव सिंह, गौतम सिंह, अलबेले सिंह, मानिक सिंह, चंद्र पाल सिंह, रामवीर यादव आदि ने विचार व्यक्त किए।
विचैटा और सौंधन में होगी नुक्कड़ सभा
संभल। विचैटा चौराहा और सौंधन में भाकियू की नुक्कड़ सभाएं होंगी। विचैटा में बिजेंद्र सिंह यादव और रामवीर सिंह यादव संबोधित करेंगे। सौंधन में शंकर सिंह यादव संबोधित करेंगे। दोनों नुक्कड़ सभाएं 9 जनवरी को दोपहर में एक बजे से होंगी। राष्ट्रीय शिविर 15 से 18 जनवरी तक इलाहाबाद में लगेगा। इसमें 2000 से अधिक किसान भागीदारी करेंगे। राष्ट्रीय शिविर में अब तक के किसान आंदोलन की समीक्षा होगी और अगले आंदोलन की रणनीति तय होगी।