मार्च का महीना है और राजस्व जुटाने के लिए शासन प्रशासन का बिजली विभाग पर दबाव है। अधिकारियों और कर्मचारियों को वसूली के लिए लक्ष्य दिए गए हैं। संभल जिले में अभियान शुरू हो चुका है लेकिन अभियान की शुरूआत में जो आंकड़े आए हैं, उसके मुताबिक संभल जिले के दो डिवीजनों में बिजली विभाग के 125 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं पर फंसे हुए हैं।
वसूली के लिए कनेक्शन काटे जा रहे हैं। अगर किसी ने कनेक्शन काटने के बाद भी बिजली लाइन जोड़ी तो अब उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी। संभल जिले में बिजली उपभोक्ताओं ने खूब बिजली खर्च की। मगर बिल जमा करने में रुचि नहीं दिखाई। अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि जिले के उपभोक्ताओं पर करीब 125 करोड़ रुपये का बकाया है।
संभल, चंदौसी और गुन्नौर क्षेत्र में बिजली विभाग की टीमें बकाया वसूली के साथ ही कनेक्शन काटने के लिए कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अभियान जारी रहेगा। दिक्कतों से बचने के लिए उपभोक्ता समय से बिजली का बिल जमा करना चाहिए।
बिजली महकमे ने बकाया वसूली के लिए अभियान चलाया हुआ है। शुक्रवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्र में टीमों ने कार्रवाई की। अधिशासी अभियंता पंकज शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में निजी नलकूप के 315 कनेक्शन काटे गए। इन पर लगभग एक करोड़ रुपये का बकाया है। इसकेे अलावा शहर में 325 घरेलू कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई है।
लगभग 10 लाख रुपये का बकाया होने पर यह कार्रवाई की गई गई। उन्होंने बताया कि पांच दिन के अंदर ग्रामीण क्षेत्र में निजी नलकूप और घरेलू कनेक्शन काटे गए। इसके बाद उपभोक्ताओं ने बिल जमा किया। कार्रवाई से लगभग एक करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि उपभोक्ता बिजली खर्च करने के बाद हर हाल में बिल जमा करें।क्योंकि विभाग द्वारा सघन अभियान चलाया जा रहा है।