धनारी के चंदपुरा गांव की कहानी कुछ ऐसी ही है। यहां 12 साल पहले बिजली की लाइन खींची गई थी। टेस्ट के लिए एक दिन बिजली भी चली। लेकिन उसके बाद से आज तक गांव में एक बल्ब भी नहीं जला। गांव वाले कई बार शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई अमल इस ओर नहीं हुआ।
केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार एक तरफ प्रत्येक गांव में विद्युतीकरण करने में लगा हुआ है। लेकिन चंदपुरा के लोग बिजली के लिए तरस रहे हैं। 12 साल पहले गांव में लाईन खींची गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि अब बिजली आएगी। एक दिन सप्लाई शुरू भी हुई तो ग्रामीण खुश हो गए। अगले दिन चोर एचटी लाईन चोरी करके ले गए। ग्रामीणों की शिकायत पर तत्कालीन जेई ने तार चोरी को मुकदमा दर्ज करा दिया और ग्रामीणों को अश्वासन दे दिया कि इस्टीमेट बना कर भेज दिया है।
तार आने के बाद बिजली व्यवस्था सुचारू कर दी जायेगी। लेकिन 12 साल बीतने के बाद भी बिजली की लाईन नहीं खिंची है। अब तो तार ही नहीं, पोल भी गायब हो गए हैं। ग्रामीणों ने उम्मीद में बिजली के उपकरण खरीदे थे। वो भी शोपीस बनकर रह गए हैं।
ग्रामीणों ने बिजली की मांग को लेकर पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम का विरोध किया था। ड्रॉप पिलाने आई टीम से नोकझोंक हुई थी। किसी तरह अधिकारियोें के आश्वासन के बाद पोलियों की खुराक पिलाई गई। लेकिन उसके बाद फिर अधिकारी गांव वालों की समस्या भूल गए। लेकिन अधिकारियों ने कोई प्रयास नही किया। कई बार अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
तंग आए ग्रामीणों ने सोमवार को गांव के प्राथमिक व उच्चप्राथमिक विद्यालय के परिसर में इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। निर्णय लिया गया कि आगामी विधान सभा चुनाव में मतदान नही करेगें। एक ज्ञापन जिलाधिकारी को भेज दिया है। ओमवीर कुशवाह ने बताया कि बिजली न होने से बच्चों को परीक्षा तैयारी में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। फसलों की सिंचाई बाधित हो रही है। इस मौके पर तेजपाल कुशवाह, विजयसिंह, रामदेव, मदनलाल, हरीशंकर, किशोरी लाल, नत्थूसिंह, दीनदयाल, धांधू कुशवाह सहित सेंकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे।