चंदौसी। शहर कोतवाली क्षेत्र में असालतपुर जारई में अपने भतीजे को अस्पताल ले जा रहे दो चाचाओं को घेर कर लाठी डंडों से पीटकर एक को मौत के घाट उतारने की मॉबलिचिंग की वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रातभर दबिश दी। जिसमें चौबीस लोगों को पकड़ा गया। वारदात की वीडियो फुटेज से पहचान करके बारह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं मृतक के परिजनों ने जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर जब मृतक का अंतिम संस्कार करने से इनकार किया तो खलबली मच गई। एसडीएम व सीओ ने समझाकर लोगों को शांत करके अंतिम संस्कार कराया।
मंगलवार को दोपहर एक बजे कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के छाबड़ा गांव निवासी वीरपाल के पुत्र रामौतार व राजू जब अपने पेट दर्द से चीखते भतीजे को बाइक पर चंदौसी अस्पताल ले जा रहे थे तो शहर कोतवाली क्षेत्र के असालतपुर जारई गांव में भ़ड़ ने उन दोनों भाइयों को बच्चा चोरी करके भागता समझ कर घेर लिया था। लाठी डंडों से इतना मारा कि इसमें राजू की मौत हो गई थी। रामौतार मरणासन्न अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रहा है। बीमार भतीजे को भी भर्ती करा दिया गया था। इस मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने रातभर असालतपुर जारई में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी। इसमें करीब चौबीस लोगों को पकड़कर कोतवाली लाया गया है। जिसमें 12 लोगों की वीडियो फुटेज से पहचान करके गिरफ्तार कर लिया गया है।
अभी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इधर छाबड़ा गांव में मृतक राजू के परिजनों में बेहद गुस्सा था। उसके परिजनों ने जिलाधिकारी को मौके पर आने, हत्यारोपियों को शतप्रतिशत गिरफ्तारी होने तक मृतक राजू के शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया तो जिला प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित सीओ के साथ गांव पहुंचे। गांव में पहले से ही पुलिस तैनात कर दिया गया था। परिजनों व ग्रामीणों को समझाया। उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाकर किसी तरह शांत किए जो परिजन पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे राजू के शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हो गए। शाम को शव का कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर सारे ग्रामीण असालतपुर जारई के लोगों को कोस रहे थे, जिन्होंने बिना जांच पड़ताल के ही एक बेकसूर की जान ले ली।
मृतक आश्रित को मिलेगी पांच लाख की आर्थिक सहायता
माबलिचिंग के शिकार हुए राजू के गांव में लोगों में आक्रो श को देखते हुए उप जिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित, सीओ के साथ छाबड़ा गांव पहुंचे। लोगो से बातचीत करके उन्हे समझाया और मृतक को मुख्यमंत्री सर्वहित किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये देने का ऐलान किया। पुलिस ने भी मृतक के परिजनों को चालीस हजार रुपये दिए।
उप जिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित ने बताया कि मुख्यमंत्री सर्वहित किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत 27 अगस्त को भीड़ के महले में मरे राजू के परिजनों को पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। इस योजना में घायल को आर्थिक सहायता देने का प्राविधान नहीं है। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। बताते हैं कि पुलिस क्षेत्राधिकारी ने भी चालीस हजार रुपये की आर्थिक सहायता मृतक के परिवार को दी।
रीना और गंगा सहाय के सिर से उठ कर मां बाप का साया
छाबड़ा गांव के राजू की पत्नी तो 18 साल पहले की मर चुकी थी। वह अपनी पुत्री रीना व पुत्र गंगा सहाय को पढ़ा लिखाकर कुछ बनाना चाहता था लेकिन आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होने के कारण अच्छे स्कूलों में नहीं पढ़ा सका था। उसने दूसरी शादी भी नहीं की, यह सोच कर उसके दोनों बच्चे बड़े हो जाएंगे तो उसके बुढ़ापे की लाठी बनेंगे। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पत्नी के निधन के बाद उसने हिम्मत नहीं हारी थी। वह अपने भतीजे से भी बहुत प्यार करता था। यही कारण है कि उसने उसे कराहता देखा तो तत्काल उसे उठाकर अस्पताल लेकर चल दिया। राजू की मौत के बाद रीना एवं गंगा सहाय का रो रो कर बुरा हाल है।