चंदौसी। यूपी के गन्ना किसानों को भी हाईटेक करने की तैयारी है। संभल जिले के करीब 55 हजार गन्ना किसानों समेत सूबे के करीब 35 लाख गन्ना कृषकों को अब गन्ना पर्ची के लिए इंतजार नहीं करना होगा। पर्ची प्रिटिंग होते ही एसएमएस के माध्यम के किसानों को तत्काल पर्ची प्राप्त हो जाएगी। इस एसएमएस पर्ची व आधार कार्ड को गन्ना क्रय केंद्र पर दिखाने पर उसका गन्ना तोल दिया जाएगा।
इससे गन्ने की अवैध खरीद तो रुकेगी, साथ ही वास्तविक गन्ना किसान ही गन्ना चीनी मिलों को बेच पाएगा।
अभी तक गन्ना सहकारी समितियां पर्ची जारी करती थीं। पर्ची जारी होने से किसान तक पहुंचने में कई दिन बीत जाते थे। अक्सर किसानों की शिकायत रहती थी कि उसे पर्ची मिली ही नहीं। मिली तो उसकी तोल तिथि बीत चुकी थी या फिर किसानों की पर्चियों को कोई बिचौलिया या गन्ना माफिया ले लेता था। लेकिन अब इन सभी झंझटों से छुटकारा मिल जाएगा, क्योंकि सभी पंजीकृत गन्ना किसानों के मोबाइल फोन नंबर भी विभाग के पास फीड हैं।
हालांकि गन्ना विभाग किसानों को पर्चियां जारी होने की सूचना एसएमएस के माध्यम से पहले भी देता था लेकिन उसी एसएमएस को पर्ची की मान्यता नहीं थी। किसानों को प्रिंटेड पर्ची के जरिये ही अपना गन्ना बेचना होता था।
कभी पर्ची खो जाती थी तो कभी भीगने से खराब हो जाती थी लेकिन अब गन्ना पर्ची का प्रिंट ही किसानों को एसएमएस के जरिये भेजा जाएगा। इसी एसएमएस को पर्ची की वैधानिक मान्यता होगी। जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश के चीनी एवं गन्ना आयुक्त संजय एस. भूसरेड्डी ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है। जिसमें पर्ची की प्रिटिंग के समय ही एसएमएस जेनरेट होगा और संबंधित किसान के मोबाइल पर चला जाएगा।
प्रिटिंग पर्ची भी जाएगी लेकिन किसानों को अब प्रिंटेंड पर्ची की आवश्यकता नहीं है। अपना आधार कार्ड व मोबाइल फोन में आया एसएमएस दिखाते ही गन्ने की तोल हो जाएगी। इससे किसानों को पर्ची जारी होने से तोल तिथि तक का समय अधिक मिल जाएगा, वह बेहतर तरीके गन्ने की छिलाई करके साफ सुथरा गन्ना आपूर्ति कर सकेंगे। सबसे खास बात तो यह है कि सिर्फ वास्तविक किसान ही गन्ना मिलों को सप्लाई कर सकेगा, क्योंकि एसएमएस सिर्फ वास्तविक किसान के मोबाइल फोन पर ही जाएगा।
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-प्रदेश के चीनी एवं गन्ना आयुक्त द्वारा कराए गए सर्वे में यह बात सामने आई कि अधिकांश किसानों के पास बहुत पुराने मॉडल के फोन सेट हैं, जिनके एसएमएस इनबाक्स में स्थान काफी कम होता है, जो जल्दी भर जाते हैं। ऐसे किसानों से अपील की गई है कि वह अपने मोबाइल फोन सेट का इन बाक्स खाली रखें ताकि समय पर एसएमएस गन्ना पर्ची उन तक पहुंच सके। उनका गन्ना समय से सप्लाई हो सके।
-कुलदीप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी संभल