संभल/बबराला। चकबंदी के फर्जीवाड़े के मामले में प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई हो रही है। गुन्नौर के सुखेला गांव में फर्जी प्रविष्ट पर एक सहायक चकबंदी अधिकारी व आठ कर्मचारियों पर गाज गिर चुकी है जबकि सिसौना सैलाब में तत्कालीन चकबंदी अधिकारी और दो सहायक चकबंदी अधिकारी भी नप चुके है। इसके बाद एक फर्जी विरासत के मामले में एक और चकबंदी अधिकारी पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
गुन्नौर तहसील के गांव उदरनपुर अजमतनगर के कस्बा धनारी स्टेशन के निकट की करोड़ों रुपये की जमीन को केवल हलफनामा के आधार पर दूसरे गांव के किसान के नाम फर्जी तरीके से दर्ज करने के मामलेे में गुन्नौर विधायक ने शासन से शिकायत की है। शिकायत के बाद जांच रिपोर्ट चकबंदी आयुक्त को भेजी जा चुकी है। इसमें तत्कालीन चकबंदी अधिकारी पर हाइवे अधिग्रहण मुआवजा और चक परिवर्तन करने पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे है। हालांकि इस फर्जीवाड़े को छुपाने के लिए खेल भी चल रहा है, लेकिन जिलाधिकारी के सख्त रवैया के बाद फर्जीवाड़ा करने वाले तत्कालीन चकबंदी अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है।
यह है विधायक की शिकायत
संभल। गुन्नौर के भाजपा विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू यादव ने शासन में शिकायत की थी कि एक चकबंदी अधिकारी के द्वारा गांव उदरनपुर अजमतनगर व भागनगर में कुछ ऐसे किसानों की जमीनों को दूसरे किसानों के नाम पर दर्ज कर दिया जो कि गांव को छोड़कर दूर स्थानों पर रह रहे हैं। इसके चलते उन किसानों को जमीन का पता नहीं लगा और लेकिन चक आवंटन किया गया तो इसकी भनक लगी। विधायक की शिकायत पर प्रमुख सचिव ने जिले के बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी से तत्कालीन चकबंदी अधिकारी के बारे में जांच कराई। इसमें फर्जी तरीके से जमीनों को दूसरों के नाम पर विरासत किए जाने का मामला सही पाया। किसानों ने जांच अधिकारी को शपथ-पत्र भी सौंपे, जिसकी जांच रिपोर्ट चकबंदी आयुक्त को भेजी जा चुकी है।