ग्रामीणों व खनन कारोबारियों के टकराव के अंदेशे में पहुंचा प्रशासन
बबराला/गुन्नौर। तहसील गुन्नौर के गांव डूंडाबाग की नदी पर बालू के खनन को लेकर ग्रामीण व कारोबारियों के बीच बड़े टकराव अंदेशे बीच एसडीएम व सीओ गांव पहुंचे जहां उन्होंने ग्रामीणों से कानून हाथ में न लेने की अपील करते हुए खनन न रोकने की बात कही। आखिरकार ग्रामीण सही पैमाइश कराके बाद खनन की शर्त पर मान गए और देर रात तक प्रशासन ने चकबंदी कर्मियों को साथ लेकर पैमाइश की।
डूंडाबाग की महावा नदी पर पिछले एक सप्ताह से खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए शनिवार को एसडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान व पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रवीन मलिक भारी पुलिस बल व पीएसी बल को साथ लेकर तकरीबन दो बजे गांव पहुंचे। जिनके साथ गुन्नौर प्रभारी कोतवाल ब्रजेश यादव भी थे। वहीं दूसरी ओर की रास्ते से धनारी थानाध्यक्ष सुनील कुमार बज्र वाहन व महिला कांस्टेबिलों को लेकर पहुंचे। खनन के प्वांइट पर पहले से मौजूद ग्रामीणों को पुलिस के आने की सूचना लगी तो सभी पुरुषों ने अपनी महिलाओं को वहां एकत्रित किया और किसी भी कीमत पर न झुकने की बात कही गई। हालांकि प्रशासन की ओर से वार्ता की पहल की गई और एसडीएम व सीओ ने ग्रामीणों से वार्ता की। दो घंटे तक चली वार्ता के दौरान ग्रामीणों का समझाया गया कि वह कानून हाथ में न ले और विधिक कार्यवाही के तहत ही विरोध जताए। जिस पर ग्राम प्रधान पति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कहा कि हम खनन नहीं रोकेंगे लेकिन सहीं पैमाइस कराके चिन्हित स्थान ने खनन कराए जिससे किसी भी किसान के खेत का नुकसान न हो सके। जिस पर एसडीएम ने तत्काल चकबंदी एसीओ को बुलावाया। तकरीबन साढ़े पांच गांव पहुंचे एसीओ भूपेंद्र शर्मा ने ने कानूनगो सतीश चंद्र गुप्ता व लेखपाल को साथ लेकर रात आठ बजे तक पैमाइस की इसके बाद ग्रामीणों ने पैमाइस पर एतराज जताते हुए दिन में सही से पैमाइस कराने की बात कही और गांव वापस लौट गए।