जिले के करीब 1830 शिक्षा मित्रों की निगाहें भी 22 फरवरी को आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। 1630 शिक्षा मित्र समायोजित हो चुके हैं, करीब 200 शिक्षा मित्रों का अभी समायोजन बाकी है।
इस फैसले से उत्तर प्रदेश के 1.70 लाख शिक्षामित्रों का भविष्य तय होगा। इनमें 1.37 हजार शिक्षक पदों पर समायोजित हो चुके शिक्षामित्र शिक्षक रहेंगे या नहीं, यह भी 22 फरवरी को ही तय होगा। इस मामले में यूपी सरकार व शिक्षामित्र संगठन एक तरफ है, जिनके लिए देश के जाने माने अधिवक्ता पैरवी कर रहे हें। जिला महामंत्री उप्र.प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ अशोक यादव ने उम्मीद जताई है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय हमारे पक्ष में आएगा। शिक्षा मित्रों कोर्ट राहत प्रदान करेगा।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने 1.37 लाख शिक्षा मित्रों को बतौर सहायक अध्यापक परिषदीय स्कूलों में समायोजित किया था, लेकिन अन्य शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते 12 सितंबर-2015 को समायोजन को अनाधिकृत बताते हुए इसे रद्द करने का आदेश दे दिया।