सहारनपुर के देवबंद में यूपी एटीएस की छापेमारी में पकड़े गए वसीम ने पूछताछ में बताया कि उसी ने 20 हजार रुपये में जहीर खान का पासपोर्ट बनाया था, जबकि जहीर के आधार कार्ड से बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला के साथी यूसुफ अली का आधार कार्ड तैयार किया गया और 18 हजार रुपये में उसका पासपोर्ट बनवाया गया।
इतना ही नहीं वीजा दिलाने के नाम पर भी मोटी रकम वसूल की गई। खुफिया विभाग की जांच में यह बात सामने आई है। करीब एक वर्ष पूर्व कुटेसरा से पकड़े गए बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला से पूछताछ में फर्जी पासपोर्ट के धंधे का खुलासा होने के बाद बीते दिनों यूपी एटीएस ने देवबंद में छापा मारकर किला निवासी वसीम, पठानपुरा निवासी अहसान और परवेज जबकि गाजियाबाद के मुरादनगर से बांग्लादेश निवासी यूसुफ अली को गिरफ्तार किया था।
हालांकि पूछताछ के बाद परवेज को छोड़ दिया गया था। बाद में एटीएस कोर्ट से तीनों लोगों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ले गई थी। वहां पूछताछ में पता चला था कि बांग्लादेश निवासी जहीर खान ने देवबंद के मोहल्ला पठानपुरा के पते से पहले आधार कार्ड बनवाया और उसके बाद पासपोर्ट तैयार कराया।
जिसमें मकान नंबर 1500 दिया गया था। एटीएस इस पते पर पहुंची तो वहां इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला था। जांच में जुटी एटीएस ने मोबाइल नंबर की लोकेशन से जहीर खान को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया।
खुफिया विभाग के सूत्रों की मानें तो एक अधिकारी ने गिरफ्त में लिए गए वसीम और अहसान से पूछताछ के आधार पर बताया कि वसीम ने स्वीकार किया कि उसने ही 20 हजार रुपये में जहीर खान का पासपोर्ट बनवाया था।
जबकि उसके आधार कार्ड से बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला के साथी यूसुफ अली का आधार कार्ड बनवाया और 18 हजार रुपये में उसका पासपोर्ट तैयार कराया था। साथ ही बताया कि वसीम ने जहीर खान को वीजा दिलाने के लिए 2 लाख रुपये लिए थे।