देवबंद। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने योगगुरु बाबा रामदेव के बयान की निंदा की है। उन्होंने इसे नफरत फैलाना वाला बताया और माफी की मांग की।
मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने रविवार को जारी बयान में कहा कि बाबा रामदेव ने अपने एक शरबत का प्रचार करते हुए बिना नाम लिए दूसरी कंपनी की प्रसिद्ध शरबत को निशाना बनाया। उसे मजहबी रंग देने की कोशिश की। उन्होंने बयान को गैर जिम्मेदाराना और नफरत फैलाने वाला करार देते हुए कहा कि हम बाबा रामदेव को अब तक एक योगगुरु मानते थे, लेकिन उनके इस बयान ने साबित कर दिया कि वह केवल एक कारोबारी हैं, जो अपने व्यापार को मजहब के सहारे आगे बढ़ाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि जिस शरबत के नाम से बाबा नफरत का माहौल बनाना चाह रहे हैं वो कोई मजहबी पेय नहीं, बल्कि देश की गंगा जमुनी तहजीब का प्रतीक है। जिसे हर धर्म, हर जात और हर क्षेत्र के लोग बरसों से पसंद करते आ रहे हैं।
बता दें, कि बाबा रामदेव ने पतंजलि के शरबत का प्रचार करते हुए कहा कि जिस तरह लव जिहाद, लैंड जिहाद और वोट जिहाद होता है, उसी तरह अब शरबत जिहाद भी चल रहा है। अगर आप दूसरी कंपनी का शरबत पीते हैं, तो उससे मस्जिदों और मदरसों का निर्माण होता है।