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बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर, कई परिवार फंसा

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यमुना नदी के टापू पर फंसे लोगों को बाहर लाते नाविक। - फोटो : SAHARANPUR
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सरसावा (सहारनपुर)। विगत कई दिन से हो रही बरसात के कारण यमुना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इस कारण यमुना नदी के बीच रेत के सूखे घाट पर झोपड़ी लगाकर सब्जी आदि उगाकर जीविका चलाने वाले सैकड़ों परिवार फंस गए। मछुआरे और कुछ परिवारों के फंसने की सूचना से हड़कंप मच गया। मछुआरों ने फंसे परिवारों को नाव से सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया।
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लगातार कई दिन से हो रही बरसात के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों परिवारों की जान पर बन आई। दरअसल यमुना के सूखे घाट पर ठेकेदार पालेज लगा कर खरबूजा, तरबूज, लोकी, तोरी सहित अन्य सब्जी उगा कर आजीविका चलाते हैं। वह सूखे घाट पर ही झोपड़ी बनाकर परिवार सहित निवास करते हैं।
शनिवार को गंगोह क्षेत्र के ग्राम शाहपुर निवासी मुस्तकीम, बबलू, शौकीन, यासीन, हामिद, सादिन, नसरीन, जुल्फाना आदि अपने परिवारों के साथ घाट पर ही निवास कर रहे हैं, लेकिन दोपहर के समय अचानक यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी सूखे घाटों पर चढ़कर उनकी झोपड़ियों को छूने लगा। इसके बाद सभी सब्जी ठेकेदारों में हड़कंप मच गया और उन्होंने यमुना नदी किनारे स्थित ग्राम हुसैनपुर में अपने रिश्तेदारों को मोबाइल से फोन मिला कर जल स्तर बढ़ने की जानकारी देेकर जान बचाने की गुहार लगाई।
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जानकारी मिलते ही ग्राम हुसैनपुर और घांघोड़ के कई मछुआरे अपनी नावें और हवा से भरी ट्यूब लेकर यमुना नदी के बीच में स्थित रेत के टापू पर गए और कई चक्कर लगाते हुए सभी परिवारों को सुरक्षित तरीके से ग्राम हुसैनपुर तथा घांघोड़ स्थित उनके रिश्तेदारों आदि के यहां पहुंचा दिया।
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