सहारनपुर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों का सूची में नाम गलत होने से आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। बीमार पड़ने पर पीड़ित नाम में संशोधन के लिए आयुष्मान केंद्रों के चक्कर काट रहे। समाधान नहीं होने से निराश होकर लौटना पड़ रहा। ऐसे में हालात यह है कि हजारों लोगों को मुफ्त इलाज का सपना अधूरा रह जाएगा।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के 2,33,598 परिवार के 8,67,367 लाख सदस्यों को मुफ्त इलाज की सुविधा दिया जाना है। योजना के तहत लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाकर प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज होता है। जिले में वर्ष 2011 की आर्थिक जनगणना के अनुसार लाभार्थियों की सूची तैयार की गई है। जनगणना के समय परिवार के कुछ सदस्यों का नाम गलत अंकित हो गया, जिसका खामियाजा अब उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने में भुगतना पड़ रहा है।आयुष्मान कार्ड बनवाने केंद्र पर जाते तो सूची में नाम तथा आधार कार्ड में नाम तालमेल नहीं है, जिससे उनका कार्ड नहीं बन पा रहा और वह मुफ्त इलाज से वंचित हो रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में इस तरह की शिकायत आ रही हैं।
आयुष्मान योजना पर एक नजर
कुल लाभार्थी परिवार - 2,33,598
कुल लाभार्थी सदस्य - 8,67,367
परिवारों के आयुष्मान कार्ड बने - 7,14,791
आयुष्मान कार्ड पर इलाज मिला - 80,210
निजी व सरकारी अस्पताल की संख्या - 88
आयुष्मान कार्ड में जिले की प्रदेश में रैंक - 02
केस नंबर-एक
शहर निवासी अशोक कुमार आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी हैं। योजना की पात्रता सूची में नाम अनुराग लिखा है। नाम गलत होने से आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के चलते निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
केस नंबर-दो
नानौता निवासी रहनुमा आयुष्मान योजना की लाभार्थी हैं। इनका लाभार्थी सूची में नाम रहनमा लिख गया। जिससे योजना के तहत मुफ्त इलाज से वंचित हैं। नाम ठीक कराने के लिए कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया है। संशोधन का विकल्प न होने के कारण पत्र लेकर वापस भेज दिया।
आयुष्मान योजना के लाभार्थी सूची में तथा आधार कार्ड में नाम अलग-अलग होने की शिकायतें आ रही हैं। पोर्टल पर नाम संशोधन का विकल्प न होने से समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। लाभार्थियों को आधार कार्ड में ही अपना नाम ठीक कराना पड़ेगा।
- डॉ. धर्मवीर सिंह, नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत योजना