सहारनपुर में सक्षम अस्पताल में काफी समय से बंधी हुई लिफ्ट अचानक चार मंजिल से नीचे गिर गई। लिफ्ट के केबिन में काम कर रहा मजदूर शमशाद लिफ्ट के नीचे दब गया और उसकी मौत हो गई।
परिजनों में अस्पताल में जमकर हंगामा किया। पुलिस और दमकल कर्मियों ने किसी प्रकार लिफ्ट को उठाकर शव को लिफ्ट के नीचे से निकलवाया। पुलिस अधिकारियों ने हंगामा कर रहे लोगों को दोषियों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत किया।
दिल्ली रोड स्थित डाक्टर पीडी गर्ग के बेसमेंट को सक्षम अस्पताल प्रबंधकों ने किराए पर ले रखा है। बेसमेंट से चार मंजिल ऊपर जाने के लिए अस्पताल की इमारत में लिफ्ट का काम चल रहा था।
फिलहाल काफी समय से लिफ्ट का काम बंद था। शुक्रवार को ठेकेदार संदीप ने सरसावा के ग्राम सौराना निवासी दो भाईयों शमशाद एवं दिलशाद पुत्र यामीन को लिफ्ट के केबिन में काम करने के लिए लगा दिया।
बताया जाता है कि दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे जब शमशाद और दिलशाद लिफ्ट की केबिन में काम कर रहे थे। उसी समय केबिन में रखे सामान को दिलशाद उठाकर बाहर ले आया।
इसी बीच तेज धमाके के साथ केबिन में चार मंजिल ऊपर बंधी लिफ्ट नीचे आ गिरी। लिफ्ट गिरते ही शमशाद (45) उसके नीचे दब गया। इसके बाद पूरे अस्पताल में चीख पुकार मच गई।
दिलशाद ने शोर मचा दिया, अस्पताल के सभी कर्मचारी एवं डाक्टर बेसमेंट की ओर दौड़ पड़े, लेकिन बेसमेंट में स्थित लिफ्ट के केबिन में सिर्फ खून बिखरा मिला।
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर विभाग के अधिकारी पहुंच गए और अन्य मजदूरों की सहायता से लिफ्ट को उठवाने का प्रयास किया। कई बार चेन डाली गई, लेकिन चेन बार-बार टूटती रही।
काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट को तोड़कर और बल्लियों से उठाकर शमशाद को बाहर निकाला गया। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। लोगों ने ठेेकेदार और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
बाद में अधिकारियों के समझाने और कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया और पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। इस मामले में शमशाद के भाई दिलशाद ने डाक्टर पीडी गर्ग, सक्षम अस्पताल के प्रबंधन तथा लिफ्ट कंपनी के खिलाफ सदर बाजार कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दी है।