सहारनपुर। मैडम मेरी शादी को तीन महीने हो गए हैं, लेकिन मेरा पति अभी तक मुझे ससुराल लेकर नहीं गया है। कई बार मेरे घर वालों ने इस संबंध में ससुराल पक्ष से बात भी की। मैडम मेरी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। हर जगह शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जन सुनवाई में महिलाओं ने कुछ इसी अंदाज में अपना दर्द बयां किया।
बुधवार को सदर तहसील सभागार में हुई महिला जनसुनवाई में राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप ने महिलाओं की पीड़ा सुनी। कुल 25 मामलों को सुना गया, जिसमें से 11 मामले घरेलू हिंसा, एक प्रकरण शिक्षा विभाग, एक मामला स्वास्थ्य विभाग, छह मामले राजस्व विभाग, पांच मामले पुलिस विभाग, एक साइबर थाने से संबंधित रहा। सदस्य सपना कश्यप ने सभी को प्रकरण को ध्यान से सुन संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मामलों का फाॅलोअप कर उन्हें अवगत कराएं। जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय ने महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत आठ नवजात बालिकाओं के अभिभावकों को बेबी किट का वितरण किया गया। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, एसडीएम सदर सुबोध कुमार, प्रोबेशन विभाग से रुपा हरित, नेहा आदि मौजूद रहे।
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महिलाओं की पीड़ा
-महानगर निवासी मुस्कान ने बताया कि उसकी शादी तीन माह पहले मंगलौर में हुई थी। शादी के बाद से पति ने अपने ससुराल ले जाने से मना कर दिया। उन्होंने इस संबंध में कार्रवाई की मांग की।
- महानगर निवासी नलनी गौतम ने बताया कि उसके पति उसके साथ मारपीट करते हैं, साथ ही गाली गलौज करते हैं। शादी के कुछ माह बाद ही उनके पति ने उसके साथ दहेज को लेकर मारपीट की। उन्होंने कार्रवाई की गुहार लगाई।
- शमा ने महिला आयोग की सदस्या के आगे अपनी परेशानी बताई। कहा कि उसके क्षेत्र का एक लड़का उसे छह माह से परेशान कर रहा है। सोशल मीडिया पर उसके नाम से फर्जी आईडी बना रखी है। इस संबंध में उन्होंने शिकायती पत्र साइबर सेल में भी दिया है। उन्होंने बताया कि लड़के के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की है और जान से मारने की धमकी दी है।
- हिमा गिल ने अपनी जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया। बताया कि इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई की नहीं की गई है। आरोपी उनके ऊपर समझौते का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कार्रवाई की मांग की।