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स्मार्ट सिटी के लिए उठाने होंगे कड़े कदम

Thu, 22 Oct 2015 11:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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सहारनपुर में बेशक स्मार्ट सिटी की बुनियाद जनता के सुझावों पर टिकी होगी, मगर शहर में अनेक ऐसी समस्याएं हैं, जो स्मार्ट सिटी की राह में बाधा बन सकती हैं। इन बाधाओं से पार पाने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। साथ ही आमजन को भी स्मार्ट सिटी बनवाने में सहयोग देना होगा।
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स्मार्ट सिटी योजना के लिए चुने गए देश के सौ शहरों में शामिल होने के बाद अब सहारनपुर के सामने पहले चरण में विकसित किए जाने वाले 20 शहरों में शुमार होने की चुनौती है। इन दिनों एक ओर जहां कंसलटेंसी एजेंसी के अधिकारी सहारनपुर शहर का सर्वे करने के लिए पहुंचे हुए हैं, वहीं नगर निगम ने जनता से सुझाव लेने के लिए अभियान चलाया हुआ है।

निगम को स्मार्ट सिटी पर अब नगर के करीब 77 हजार लोगों के सुझाव लिखित में चाहिए। यानी शहर को वैसा ही स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा, जैसा जनता चाहेगी। साथ ही स्मार्ट सिटी के लिए कुछ कदम ऐसे भी उठाने होंगे, जिनसे कुछ लोगों को दिक्कत होगी, आमजन के हित में होंगे। ऐसे में जनता को भी चाहिए कि वह केवल सुझाव तक ही सीमित न रहे, बल्कि अपने स्तर से स्मार्ट सिटी में सहयोग भी करें।  
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बड़ी समस्या बना अतिक्रमण
अतिक्रमण शहर की सबसे बड़ी समस्या है। पुराने शहर के साथ ही नए शहर यानी कोर्ट रोड क्षेत्र में भी आधी दुकानें सड़क पर हैं। ऐसे में आधी सड़क अतिक्रमण की जद में है, जिसकी वजह से राहगीरों को परेशानी हो रही है। नेहरू मार्केट, प्रताप मार्केट, शहीद गंज, चौक फव्वारा बाजार, चकराता रोड, खुमरान पुल, मंडी समिति रोड, चिलकाना रोड, लिंक रोड, जिला अस्पताल रोड, अंबाला रोड, लोहानी सराय, रेलवे रोड आदि में यही हाल है।

कई बार प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए गए, लेकिन अभियान के अगले ही दिन फिर सड़क पर दुकानें लग गई। कोर्ट रोड पर प्रशासन ने अतिक्रमण को रोकने के लिए दुकानों के सामने लोहे के पाइप लगाए थे, जिन्हें दुकानदार उखाड़कर ले गए। इसके अलावा रेहड़ियां भी अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार हैं।

शहर से बाहर ले जाने होंगे बस और टेंपो स्टैंड
बस और टेंपो स्टैंड से भी राहगीरों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। रेलवे स्टेशन के बाहर परिवहन निगम के साथ ही एक प्राइवेेट बस स्टैंड भी चल रहा है। बसों की वजह से यहां दिनभर जाम की स्थिति रहती है। अंबाला रोड स्थित परिवहन निगम के बस स्टैंड और यहीं से संचालित प्राइवेट बसों और टेंपो की वजह से जाम रहता है। घंटाघर से कई क्षेत्रों के लिए टेंपो का अवैध संचालन हो रहा है। डीएम पवन कुमार ने कुछ दिन पहले बैठक करते हुए अधिकारियों को टेंपो को घंटाघर से कम से कम दो सौ मीटर दूर से चलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन डीएम के निर्देश ताक पर रख दिए गए। आज भी टेंपो घंटाघर से ही संचालित हो रहे हैं, जिसकी वजह से जाम रहता है।

पेयजल आपूर्ति न होना भी समस्या
नगर निगम शहर में पेयजल आपूर्ति कर रहा है। स्मार्ट सिटी बनने के बाद प्रत्येक घर में दो लाइन जाएंगी। एक में शुद्ध पेयजल होगा तो दूसरे में अन्य कार्यों के लिए सादा पानी पहुंचेगा। अभी निगम सादा पानी ही सप्लाई कर पा रहा है। हैरत की बात यह है कि शहर के मात्र 31 फीसदी घरों में ही निगम का पानी पहुंच रहा है, जबकि 69 फीसदी लोगों की अपनी व्यवस्था है। स्मार्ट सिटी के लिए प्रत्येक घर में निगम का पानी पहुंचना जरूरी है। ऐसे में प्रत्येक घर तक पेयजल पहुंचाने के लिए निगम को मशक्कत करनी होगी।

चुनौतियों से निपटने की तैयारी
हम स्मार्ट सिटी में आने वाली बाधाओं का अध्ययन कर रहे हैं और उनके हल पर भी विचार किया जा रहा है। पुराने शहर में अतिक्रमण एक बड़ी समस्या है और इसके हटाने लिए विशेष टीम का गठन किया जा रहा है। अस्थाई अतिक्रमण के लिए  स्थानीय स्तर पर टीम बनाकर उसका हल कराया जा रहा है। इसके अलावा अन्य समस्याओं का भी निस्तारण कराया जा रहा है। - डा. नीरज शुक्ला, नगरायुक्त
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