देवबंद (सहारनपुर)। अंतरराष्ट्रीय ध्यान योग गुरु स्वामी दीपांकर महाराज ने भिक्षा यात्रा के 444वें दिन रणखंडी गांव में हिंदू समाज के लोगों को जातियों में नहीं बंटेंगे, एक सनातनी बनेंगे का संकल्प दिलाया। इस दौरान ग्रामीणों ने भिक्षा यात्रा का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम में स्वामी दीपांकर महाराज ने कहा कि घर-घर में मैंं इंकलाब की लौ जलाने आया हूं, हे भारत के राम जगो मैं तुम्हें जगाने आया हूं। कहा कि वह भोजन या रुपये पैसे की नहीं बल्कि हिंदू समाज से एकजुट होकर एक सनातनी होने की भिक्षा मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जरूरत हिंदू के संगठित होने की है। संगठित न होने का नुकसान इंसान तो छोड़िये भगवान राम तक को उठाना पड़ा।
उन्हें 500 साल प्रतीक्षा करनी पड़ी। अब कहीं जाकर अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बन पाया। अब प्रण लो कि एक होकर रहेंगे ताकि भविष्य में भगवान श्रीकृष्ण को प्रतीक्षा न करनी पड़े। स्वामी दीपांकर ने युवाओं से नशे के दुष्प्रभाव भी बताते हुए उनका त्याग करने का संकल्प भी दिलाया। संवाद