सहारनपुर। सर्दी शुरू होते ही दिल के मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है। रोजाना सरकारी और निजी अस्पतालों में दिल के मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पताल या फिर देहरादून, चंडीगढ़ और दिल्ली जाना पड़ रहा।
जिले की आबादी करीब 40 लाख है। धीरे-धीरे सर्दी का सितम बढ़ रहा है। सर्दी के साथ कोहरे ने भी दस्तक दे दी है। सर्दी के मौसम में दिल के मरीजों की दिक्कत बढ़ने लगी हैं। हालत यह हैं कि सरकारी और निजी अस्पतालों में दिल के मरीजों की संख्या बढ़ी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल में भी दिल के रोगी आ रहे, लेकिन जिले के सरकारी अस्पताल विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट का पद सृजित है, लेकिन अभी तक किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई है। ओपीडी में फिजिशियन ही इलाज कर रहे हैं, अगर कोई हार्ट अटैक का मरीज पहुंचता है तो उसे रेफर कर दिया जाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तो हृदय रोग विशेषज्ञ हैं ही नहीं। ऐसे में दिल के रोगियों को उपचार कराने के लिए देहरादून, ऋषिकेश, दिल्ली, चंडीगढ़ जाना पड़ता है या फिर महानगर के निजी अस्पताल में इलाज कराते हैं। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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यह बरतें सावधानी
- खाने-पीने की चीजों में कम चिकनाई का प्रयोग करें।
- खूब गुनगुना पानी पिएं।
- सुबह के समय सैर करने से बचें।
- परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
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वर्जन
जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट का एक पद सृजित है। पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई है। फिजिशियन ही मरीज को परामर्श दे रहे हैं। -डॉ. रामानंद, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल