सहारनपुर मंडल के तीनों जिलों में पुलिस बदमाशों पर हावी रही है। जनवरी से सितंबर तक 335 मुठभेड़ हो चुकी है, सात बदमाशों को पुलिस ढेर भी कर चुकी है और पौने छह सौ से अधिक को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन अधिकांश मुठभेड़ों में जितने पकड़े जा रहे हैं, उनके उतने ही साथी फरार हो रहे हैं। फरार बदमाश आखिर कहां गुम हो रहे हैं, पुलिस उन्हें गुमनामी में ही छोड़ रही है, जबकि फरार आरोपी फिर से नए साथी तलाश कर वारदातों को अंजाम देते रहे हैं।
देवबंद में सोमवार रात पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई। जिसमें पुलिस की गोली लगने से दो बदमाश घायल भी हुए और गिरफ्तार भी, जबकि दो बदमाश फरार होने में कामयाब हो गए। हालांकि पुलिस को फरार आरोपियों का नाम पता मिल चुका है। जिन्हें तलाश करने में पुलिस जुटी हुई है।
सहारनपुर मंडल में पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ जो अभियान चलाया है, उसमें पुलिस को काफी सफलता मिली है। खासकर मुजफ्फरनगर पुलिस ने जनवरी से सितंबर तक ही मुठभेड़ की डबल सेंचुरी लगा दी। यहां सर्वाधिक 201 मुठभेड़ हो चुकी है।
सहारनपुर में 84 और शामली में 50 मुठभेड़ हुई हैं। इनमें 574 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। अधिकांश मुठभेड़ों में जितने गिरफ्तार हुए, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लगभग उतने ही फरार भी हुए। पुलिस की अधिकांश मुठभेड़ में एक न एक अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो रहा है। यहां तक कि इनामी बदमाशों के साथी भी पुलिस को चकमा देकर फरार हो रहे हैं। यही बदमाश अपने दूसरे साथियों के साथ फिर वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि फरार होने वाला बदमाश भी किसी न किसी वारदात में पुलिस की पकड़ में आ ही जाता है। सड़क दूधली के एक डाक्टर से रंगदारी मांगने के मामले में दो बदमाश कुल्हेड़ी में पकड़े गए थे, जबकि एक फरार बदमाश को मुठभेड़ में बड़गांव से गिरफ्तार किया गया था। सरसावा पुलिस ने छह माह पूर्व भी मुठभेड़ में फरार हुए बदमाश को कुछ दिन बाद ही दूसरी मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था।
मुठभेड़ में घायल बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर मंडल में हुईं मुठभेड़ और गिरफ्तार अपराधी
-------------------सहारनपुर-----मुजफ्फरनगर-----शामली----कुल
मुठभेड़---------------84-----------201--------------50---------335
गिरफ्तार-------------146----------337--------------91--------574
गोली लगी------------43-----------102--------------28--------173
मारे गए--------------03-----------04----------------00---------07
इनामी----------------24-----------42---------------03---------69
पुलिसकर्मी घायल---11------------31---------------18---------60
फरार बदमाशों पर नजर रखी जाती है : एसएसपी
एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि फरार बदमाशों पर नजर रखी जाती है। सीमावर्ती जिलों की पुलिस से भी संपर्क साधकर जानकारी जुटाई जाती है। पुलिस फरार आरोपियों को तलाश करती रहती है।
फरार बदमाश अन्य वारदातों में होते हैं गिरफ्तार : डीआईजी
पुलिस उप महानिरीक्षक उपेंद्र अग्रवाल का कहना है कि फरार बदमाशों में अधिकांश तो अज्ञात होते हैं, लेकिन पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी रहती है। वारदात को अंजाम देने में कहीं न कहीं फरार आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में आ जाते हैं। जिन फरार अपराधियों के नाम पते पुलिस को मिल जाते हैं, उन्हें पुलिस हर हाल में गिरफ्तार कर लेती है।