फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: यह कैसा अभियान, कचरे और सिल्ट से अटे हैं नाले और नालियां

Tue, 11 Jun 2024 03:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। नाले और नालियों की सफाई के लिए चल रहे अभियान का असर कुछ ही क्षेत्रों में नजर आ रहा है। बाकी क्षेत्रों में नाले प्लास्टिक कचरे और सिल्ट से अटे पड़े हैं। अमर उजाला की टीम ने सोमवार को नाला और नाली सफाई अभियान की पड़ताल की।
विज्ञापन

कलेक्ट्रेट के बाहर से जैन कॉलेज की ओर जाने वाले नाले में जिला पंचायत कार्यालय के बाहर कचरा भरा है। यहां से सिविल लाइन चौकी तक नाले की सफाई नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में जलभराव होता है। कलेक्ट्रेट की पार्किंग, रजिस्ट्री कार्यालय और आसपास की दुकानें जलमग्न रहती हैं। पुराना कलसिया रोड पर वाल्मीकि बस्ती से भीष्मनगर तक नाले और नालियों में प्लास्टिक कचरा और सील्ट के साथ ही कई जगह मिट्टी भरी नजर आई। पुराना कलसिया रोड पर मदरसे के पास की कॉलोनी में गलियां और नालियां कच्ची मिलीं, जिसकी वजह से यहां घरों का दूषित पानी सड़क और प्लॉट में भरा मिला। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बरसात में यहां क्या हालत होगी।
चिलकाना रोड से होकर धोबीघाट पर पांवधोई नदी में गिरने वाले बड़े नाले की सफाई की गई है। लेकिन जगह-जगह कचरा छोड़ा गया है। चाणक्यपुरी कॉलोनी के बाहर नाले में कचरा फैला नजर आया। बेहट अड्डा से आगे पेट्रोल पंप के सामने की नाली वर्षों से मिट्टी से अटी है। चकदेवली में दो वर्ष पहले बनाए गए नाले का स्तर लोगों के मकानों और सड़क से ऊपर है। यहां जलभराव की समस्या है, जो बरसात में और बढ़ जाती है। प्रकाशलोक कॉलोनी में भी नाला सड़क से ऊपर है, जिसकी वजह से यहां बरसात में जलभराव रहेगा।
विज्ञापन


नाले और नालियों की सफाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। लोग नालियों में कचरा भर देते हैं। इसकी वजह से कई नालियां दो-दो बार साफ करनी पड़ी हैं। यदि कहीं नाला या नाली की सफाई रह गई है तो सूचना मिलते ही उसे साफ कराया जाएगा।
विज्ञापन

डॉ. रमेशचंद गुप्ता, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें