सहारनपुर। ई-केवाईसी कराने में कोताही बरतने वाले जनपद के 18023 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त से वंचित रह सकते हैं। जिले में 2.61 से अधिक किसानों को सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है।
किसानों की आर्थिक सहायता करने के उद्देश्य से भारत सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छह हजार रुपये प्रतिवर्ष देती है। इस धनराशि को साल में तीन बार दो-दो हजार रुपये की किस्त में किसानों के बैंक खाते में भेजा जाता है। अब तक किसानों को इसकी 16 किस्त मिल चुकी हैं। जनपद के 2.61 लाख को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। सम्मान निधि योजना का लाभ पात्र किसानों को दिलाने के लिए कृषि विभाग के कर्मचारियों ने गांव-गांव जाकर लाभार्थी किसानों का न सिर्फ सत्यापन कराया बल्कि ई-केवाईसी भी कराई।
इस प्रक्रिया में अपात्रों को चिह्नित कर इस योजना से हटाया गया। साथ ही पात्र किसानों को इस योजना से जोड़ा गया। तमाम प्रयास के बावजूद अब तक जनपद के 18023 किसान ऐसे हैं जिन्होंने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। इसके अलावा 16938 किसानों की एबीपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) लंबित हैं। ऐसे किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं।
- किसान ऐसे कराएं ई-केवाईसी
वंचित किसान प्रधानमंत्री किसान एप या जनसेवा केंद्र के माध्यम से अपनी ई-केवाईसी करा सकते हैं। जिन किसानों की एबीपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) लंबित है, वे बैंक जाकर अपने खाते से आधार नंबर जुड़वा लें। इसके अलावा वे पोस्ट ऑफिस जाकर नया खाता खुलवा सकते हैं।
- वर्जन
जनपद में 18023 किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। इसके अलावा 16938 किसानों का एबीपीएस लंबित है। यह किसान जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा करा लें। नहीं तो ऐसे किसानों को सम्मान निधि की 17वीं किस्त से वंचित रहना पड़ सकता है। - डॉ. राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि।