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पुलिस देखती रही और चली गई दो किशोरों की जान

Sat, 20 Jan 2018 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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दो किशोरों की मौत पर पसरा मातम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में पुलिसकर्मियों की संवेदनहीनता बृहस्पतिवार रात हादसे में घायल दो किशोरों की जिंदगी पर भारी पड़ गई। बाइक खंभे से टकराने के बाद नाले में गिरकर घायल हुए किशोर तड़पते रहे और उन्हें अस्पताल ले जाने में गाड़ी गंदी न हो जाए इसलिए डायल सेवा 100 पर तैनात पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल नहीं ले गए।
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बाद में पहुंची थाना पुलिस घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण दोनों किशोरों ने दम तोड़ दिया। एसएसपी ने डायल 100 पर तैनात तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। 

हादसा  बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े 12 बजे हुआ और मरने वाले अमित खुराना (17 वर्ष) पुत्र राकेश खुराना निवासी नुमाइश कैंप और सन्नी गुप्ता (15 वर्ष) पुत्र प्रवीण गुप्ता निवासी सेतिया बिहार थे।
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दोनों परिवार के इकलौते पुत्र थे। हादसे के  वक्त ये अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर बेरी बाग की ओर से मंगल नगर की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मोटरसाइकिल  काफी तेज गति पर थी, अचानक उनकी बाइक एक खंभे से टकराई।

दोनों हेलमेट भी नहीं लगाए हुए थे और खंभे व नाले दीवार से टकराने के बाद नाले में जा गिरे। दुर्घटना होने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे दोनों के एक दोस्त ने उन्हें देखा तो तुरंत 100 नंबर पर पुलिस को घटना की सूचना दी।

सूचना मिलते ही डायल 100 की टीम मौके पर पहुंच गई। लेकिन उन्होंने कीचड़ और खून से लथपथ दोनों किशोरों को देखकर पुलिस कर्मियों ने अस्पताल ले जाने से इंकार कर दिया। डायल 100 पर तैनात तीनों पुलिस कर्मी सड़क पर पड़े तड़प रहे घायलों को देखते रहे।

लेकिन उन्होंने अपनी गाड़ी में घायलों को अस्पताल ले जाने से इंकार करते हुए कहा कि उनकी गाड़ी गंदी हो जाएगी। थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को अस्पताल में पहुंचाया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

 देखते रहे पुलिस कर्मी, बुझ गए दो घरों के चिराग
रात में घुप अंधेरा, तेज रफ्तार पर बाइक और बिना हेलमेट के बाइक सवार, हादसे में घायल हुए किशोरों को नाले से तो लोगों ने निकाल लिया, लेकिन सड़क पर तड़पते रहे। पुलिसकर्मी देखते रहे और दोनों युवक दम तोड़ गए। लोगों में पुलिस कर्मियों की लापरवाही और संवेदनहीनता को लेकर जबरदस्त आक्रोश है।  
   
दुर्घटना में मारे गए अर्पित के पिता की खुमरान पुल पर कपड़े की दुकान है, अर्पित उनका इकलौता पुत्र था। अर्पित से छोटी एक बेटी है। अर्पित शहर के आशा मॉडर्न स्कूल में कक्षा 10 का छात्र था। सन्नी भी अपने परिवार में इकलौता बताया गया, जो एंब्रॉयडी का काम कर अपने घर का खर्च चला रहा था। सन्नी जेवी जैन इंटर कॉलेज खालापार में कक्षा 10 में पढ़ रहा था।

 दुर्घटना की सूचना पर पहुंची डायल 100 की टीम से मौजूद लोग घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए गुहार करते रहे, हाथ जोड़ते रहे, लेकिन डायल 100 पर तैनात तीनों सिपाही खड़े देखते रहे। उन्होंने घायलों को अपनी गाड़ी में ले जाने साफ इंकार कर दिया। सिपाहियों ने कहा कि उनकी गाड़ी गंदी हो जाएगी। वे अपनी गाड़ी में अस्पताल नहीं ले जाएंगे। किसी और गाड़ी का इंतजाम कर लो और अस्पताल ले चलो।

-। तीनों पुलिसकर्मी निलंबित
इस मामले में एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने कार्रवाई करते हुए डायल 100 पर तैनात तीनों सिपाहियों हेड कांस्टेबल इंद्रपाल सिंह, कांस्टेबल पंकज कुमार, कांस्टेबल चालक मनोज कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
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