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वापस नहीं लेंगे फीस वृद्धि, अड़े स्कूल

Sun, 16 Apr 2017 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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सीबीएसई और आईसीएससी स्कूलों के प्रघानाचार्य की बैठक लेते डीएम शफकत कमाल। - फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर। सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों की बैठक में स्कूलों की मनमानी पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्कूलों को दो टूक चेतावनी दी कि जिस भी स्कूल ने इस वर्ष फीस बढ़ाई उसकी खैर नहीं होगी। उधर, इस बैठक के तुरंत बाद स्कूल संचालकों ने बैठक कर डीएम का प्रस्तान मानने से इंकार कर दिया। जिससे प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों में टकराव के आसार बढ़ गए।  
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फीस वृद्घि को लेकर अभिभावक कई दिन से डीएम शफकत कमाल के पास शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। कई बार कलक्ट्रेट में प्रदर्शन भी हो चुका है। अभिभावकों की समस्या को गंभीर मानते हुए शनिवार को सभी सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों की कलक्ट्रेट सभागार में बैठक बुलाई गई। डीएम ने बैठक में मौजूद प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों फीस और वार्षिक शुल्क का लिखित ब्यौरा डीआईओएस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि स्कूल मनमाने तरीके से प्रत्येक वर्ष फीस बढ़ाते चले जा रहे हैं। इससे पैरेंट्स पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

कई पैरेंट्स अपनी पूरी कमाई तक स्कूलों पर लुटा रहे हैं। कहा कि कई स्कूल 40 से 50 हजार रुपये तक वार्षिक शुल्क वसूल रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। पहली बात तो वार्षिक शुल्क होना ही नहीं चाहिए। मगर चूंकि ऐसा हो रहा है। ऐसे में इसमें 50 फीसदी की कटौती की जाए। साथ ही कोई भी स्कूल इस वर्ष फीस नहीं बढ़ाएगा। यानी पिछले साल की फीस ही लेगा। यदि कोई स्कूल निर्देशों का पालन नहीं करता है तो किसी भी कार्रवाई के लिए वह खुद जिम्मेदार होगा। कहा कि कोई भी स्कूल यूनिफार्म, किताबें या स्टेशनरी नहीं बेचेगा। स्कूल केवल बेेल्ट और टाई ही दे सकते हैं। शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीडीओ दीपक मीणा, एसपी सिटी संजय सिंह, एसडीएम मनोज सिंह, डीआईओएस आरके तिवारी, बीएसए बुद्धप्रिय सिंह आदि मौजूद रहे। 
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मानवीय पहलू से भी सोचो 

डीएम ने प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों से कहा कि आप जिस तरह प्रत्येक वर्ष फीस बढ़ाते चले आ रहे हैं। उससे अभिभावक बेहद परेशान हैं। वह अपनी सारी कमाई आपको सौंप रहे हैं। प्रोफेशनल बनने के साथ ही कभी मानवीय पहलु से भी सोचो। यदि पैरेंट्स अपने बच्चे को आपके स्कूल में भेजा है तो उसके पीछे उसका मकसद बच्चे को सफल और अच्छा इनसान बनाना होता है। मजबूरी का फायदा मत उठाओ। 

बुक सेलर्स की जांच के निर्देश 

डीएम ने स्कूलों द्वारा एक निश्चित दुकान से यूनिफार्म और किताबें खरीदवाने की निंदा की। कहा कि उनके पास कई बुक और यूनिफार्म सेलर्स के खिलाफ शिकायतें हैं, जिनकी जांच कराई जाएगी। बैठक में मौजूद वाणिज्य कर विभाग के स्पेशल इनवेस्टीगेशन ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर श्याम लाल को ऐसे बुक और यूनिफार्म सेलर्स की जांच के निर्देश दिए। 

आनलाइन करें फीस 
सीडीओ दीपक मीणा ने कहा कि नियमानुसार सभी स्कूलों की फीस स्ट्रेक्चर स्कूलों की वेबसाइट पर आनलाइन होना चाहिए। सभी प्रधानाचार्यों को अतिशीघ्र फीस को आनलाइन करने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि यदि आनलाइन फीस से अधिक वसूली की गई तो फिर कार्रवाई होगी। 

एनसीईआरटी किताबें कोर्स में लगाएं 

डीएम और सीडीओ ने सभी स्कूलों को एनसीईआरटी की किताबें कोर्स में लगाने के निर्देश दिए। स्कूलों ने कहा कि एनसीईआरटी की पर्याप्त किताबें बाजार में उपलब्ध नहीं रहती हैं। इसकी वजह से उन्हें बाहर की किताबें लगानी पड़ती हैं। सीडीओ ने कहा कि जब तक किसी चीज की डिमांड नहीं होगी, तब तक उसकी उपलब्धता नहीं होगी। यदि आप डिमांग करेंगे तो कई प्रकाशक किताबें लेकर मौजूद मिलेंगे। 
स्कूलों की शिकायती  ः डीएम ने जैसे ही प्रधानाचार्यों पर नाराजगी व्यक्त की तो कई प्रधानाचार्य शहर में अवैध रूप से चल रहे स्कूलों की नाम सहित शिकायत करने लगे। डीएवी स्कूल की प्रधानाचार्य मीनू भट्टाचार्य ने एक मान्यता पर कई-कई ब्रांच चलाने वाले स्कूलों के नाम भी गिनाए। कुछ प्रधानाचार्यों ने इन स्कूलों को बंद कराने की मांग की।

स्कूल वाहनों में लगाओ जीपीएस
डीएम ने स्कूल वाहनों की फिटनेस पर भी ध्यान देने को कहा। साथ ही तमाम स्कूल वाहनों में जीपीएस लगाने के निर्देश दिए। कहा कि जल्द ही स्कूल वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। यदि कोई अनफिट वाहन मिला तो वाहन तो जब्त होगा ही संबंधित स्कूल से भी जवाब मांगा जाएगा।
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