रेलवे विभाग ने सरसावा स्टेशन पर सभी पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को आठ से दस मार्च तक रोकने का निर्णय लिया है। ट्रेन से आने वाली संगत को डेरे तक लाने ले जाने के लिए व्यास की तरफ से अपनी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था लगी है।
उधर, बाबाजी के आने से पहले ही पंजाब सिक्योरिटी ने डेरे को पूरी तरफ से सील कर दिया था। डेरे में बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो जी महाराज की सुरक्षा की दृष्टि से पंडाल में जाने से पूर्व मोबाइल, कैमरा, टेप रिकॉर्डर आदि सभी सामान गेट पर लगे काउंटर पर जमा करने के बाद ही अंदर पंडाल में प्रवेश दिया जाएगा।
सात हजार सेवादारों ने संभाली ट्रैफिक की व्यवस्था
यातायात को सुचारु रूप से चलने के लिए डेरे के सात हजार सेवादार अंबाला से लेकर देहरादून व करनाल, पानीपत, शामली, नकुड़, छुटमलपुर, बिहारीगढ़, रुड़की, हरिद्वार तक कमान संभाले हैं। अंदर पंडाल में संगत के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
ब्लॉक बनाकर महिलाओं और पुरुष के अलग-अलग ठहरने की व्यवस्था की गई है। चाय नाश्ते के लिए कैंटीन में एक साथ 50 हजार और भोजन के लिए एक साथ 60 हजार संगत की व्यवस्था है। इन सभी व्यवस्थाओं में भी पचास हजार सेवादार जुटे हैं।