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Saharanpur News: डेरे पर पहुंचे व्यास प्रमुख, एक झलक पाने को अनुयायी दिखे बेताब

Fri, 08 Mar 2024 12:14 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

राधा स्वामी सत्संग व्यास मेजर सेंटर पर व्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो गुरुवार दोपहर बाद तीन बजे हेलीकाप्टर से सरसावा पहुंचे। छह लाख अनुयायियों के पहुंचने का अनुमान है।
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शिव मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राधा स्वामी सत्संग व्यास मेजर सेंटर पर व्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो गुरुवार की दोपहर बाद पहुंच गए। उनका हेलीकाॅप्टर साढ़े तीन बजे सरसावा एयरपोर्ट पर उतरा, जहां से द्वारा मेजर सेंटर पहुंचे। जहां उनकी एक झलक पाने के लिए अनुयायी बेताब दिखाई दिए।

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राधा स्वामी सत्संग व्यास मेजर सेंटर पिलखनी में डेरा प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो जी के दो दिवसीय सत्संग के लिए आने वाले अनुयायियों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। 9 व 10 मार्च सुबह 9:30 बजे बाबा गुरिंदर सिंह जी महाराज अपने प्रवचनों से संगत को निहाल करेंगे।

दो दिवसीय कार्यक्रम में पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व नेपाल से छह लाख से अधिक अनुयायियों के जुटने का अनुमान है। राधा स्वामी सत्संग में शामिल होने के लिए संगत के पहुंचने का सिलसिला जारी है।

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रेलवे विभाग ने सरसावा स्टेशन पर सभी पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को आठ से दस मार्च तक रोकने का निर्णय लिया है। ट्रेन से आने वाली संगत को डेरे तक लाने ले जाने के लिए व्यास की तरफ से अपनी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था लगी है।

उधर, बाबाजी के आने से पहले ही पंजाब सिक्योरिटी ने डेरे को पूरी तरफ से सील कर दिया था। डेरे में बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो जी महाराज की सुरक्षा की दृष्टि से पंडाल में जाने से पूर्व मोबाइल, कैमरा, टेप रिकॉर्डर आदि सभी सामान गेट पर लगे काउंटर पर जमा करने के बाद ही अंदर पंडाल में प्रवेश दिया जाएगा।
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सात हजार सेवादारों ने संभाली ट्रैफिक की व्यवस्था
यातायात को सुचारु रूप से चलने के लिए डेरे के सात हजार सेवादार अंबाला से लेकर देहरादून व करनाल, पानीपत, शामली, नकुड़, छुटमलपुर, बिहारीगढ़, रुड़की, हरिद्वार तक कमान संभाले हैं। अंदर पंडाल में संगत के ठहरने की व्यवस्था की गई है।

ब्लॉक बनाकर महिलाओं और पुरुष के अलग-अलग ठहरने की व्यवस्था की गई है। चाय नाश्ते के लिए कैंटीन में एक साथ 50 हजार और भोजन के लिए एक साथ 60 हजार संगत की व्यवस्था है। इन सभी व्यवस्थाओं में भी पचास हजार सेवादार जुटे हैं।
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