सहारनपुर के देवबंद के केंदुकी गांव में पट्टे की भूमि पर चल रहे विवाद में पुलिस की एक पक्षीय कार्रवाई से क्षुब्ध ग्रामीणों ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी दर्ज मुकदमे को फर्जी बताकर उसे खारिज कराने की मांग पर अड़े रहे। अधिकारियों ने लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिलाकर धरना समाप्त कराया।
केंदुकी प्रकरण में एक तरफ से रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामला गरमा गया। बुधवार को राष्ट्रवादी महासभा के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय में धरना दिया।
वक्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठाते हुए कहा कि सत्ता के दबाव में झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। कहा कि दूसरे समुदाय के कुछ लोग दलित श्याम कुमार की जमीन पर कब्जा करके वहां बिना स्वीकृति के धार्मिक स्थल का निर्माण कर रहे हैं। जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह व सीओ नरेंद्र सिंह राणा को ग्रामीणों ने तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिसमें बिना स्वीकृति के धार्मिक स्थल का निर्माण नहीं कराने, श्याम कुमार के पट्टे की पैमाइश कराकर उसे कब्जा दिलवाने तथा फर्जी मुकदमा खारिज करने की मांग रखी।
अधिकारियों ने फर्जी मुकदमे को स्पंज करने तथा बिना स्वीकृति के मस्जिद का निर्माण नहीं होने देने का ग्रामीणों को आश्वासन दिलाया। धरना-प्रदर्शन में बजरंग दल के विकास त्यागी, मनोज सिंघल, अंकुल त्यागी, ओमदत्त त्यागी, रमेश, मुकेश त्यागी, योगेश कुमार, सचिन कुमार, विपिन, ओमप्रकाश, विनोद, अनुज मौजूद रहे।
केंदुकी प्रकरण में थानाभवन विधायक सुरेश राणा ने बुधवार को एसएसपी मनोज तिवारी से फोन पर वार्ता करते हुए एक पक्षीय कार्रवाई की निंदा की। कहा कि पुलिस को दोनों तरफ से कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं, मंगलवार की रात भाजपा नेता मनीष त्यागी भी अपने समर्थकों संग केंदुकी पहुंचे तथा पीड़ित श्याम कुमार से बातचीत की। ग्रामीणों ने प्रधान पर गांव में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाया।
जिस पर मनीष त्यागी ने एसडीएम व सीओ से वार्ता की। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान समेत कई अन्य लोगों पर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। उधर, ग्राम प्रधान ने स्वयं पर लगे आरोप निराधार बताए हैं।