सहारनपुर। पीएम आवास योजना का लाभ लेने वाले करीब 14 हजार लाभार्थियों की पात्रता को लेकर डूडा ने जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि कुछ लोगों ने गलत तरीके से शहरी योजना का लाभ लिया है, जबकि कुछ लोगों ने गलत दस्तावेज इस्तेमाल किए हैं। इसमें बड़ा फर्जीवाड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।
दरअसल, योजना के पहले चरण में नगर क्षेत्रों में करीब 35 हजार लोगों को मकान का लाभ मिला है। अब पीएम आवास योजना 2.0 यानी दूसरा चरण चल रहा है। इसके लिए अभी तक करीब 30 हजार लोग मकान के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें से 14 हजार की डीपीआर सैंक्शन हो चुकी है। इनमें से करीब दस हजार लाभार्थियों के खातोंं में 50-50 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। कुल रकम 50 करोड़ रुपये से अधिक है। पिछले दिनों काफी लोगों पर पीएम आवास योजना शहरी का लाभ लेने के आरोप लगे थे।
मामला कई दिन तक चर्चाओं में रहा। अब डूडा की तरफ से उन सभी लाभार्थियों की पात्रता की जांच शुरू करा दी है, जिनकी डीपीआर सैंक्शन हो चुकी है।
वहीं, डूडा के परियोजना अधिकारी विकास पांडेय ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। एक-एक व्यक्ति की पात्रता जांची जाएगी, जो भी व्यक्ति लाभार्थी होने की शर्तों को पूरा नहीं करेगा उसे योजना से बाहर कर दिया जाएगा और कार्रवाई भी तय है।
n 16 हजार मकानों की डीपीआर से पहले होगी जांच : पीएम आवास योजना 2.0 के लिए नगरीय क्षेत्रों में आवेदन करने वाले करीब 30 हजार लोगों में से 16 हजार ऐसे हैं, जिनके मकानों की डीपीआर सैंक्शन नहीं हुई है। पात्रता पर सवाल उठने के बाद डूडा ने 16 हजार आवेदनों की डीपीआर सैंक्शन करने से पहले पात्रता की जांच कराने का निर्णय लिया है, जिससे अपात्र व्यक्ति को पहले ही बाहर किया जा सके।