दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे का छुटमलपुर का हिस्सा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने की हसरत रखने वालों को अब केवल दो महीने इंतजार करना होगा। राज्यसभा में सांसद डॉ. नरेश बंसल के सवाल पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सदन को बताया कि एक्सप्रेस-वे को अक्तूबर तक खोलने का लक्ष्य है।
दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से देहरादून तक बनाए जा रहे 210 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को जनता को समर्पित करने की तिथि लगातार बढ़ रही है। पहले इसके इस साल के शुरुआत और फिर अब अगस्त में खुलने की उम्मीद थी। प्रधानमंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का 11868.6 करोड़ रुपये की लागत से चार खंडों में निर्माण हो रहा है।
पहला खंड दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से बागपत के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसव वे तक 32 किलोमीटर, दूसरा खंड ईपीई से सहारनपुर बाईपास लाखनौर तक 118 किलोमीटर, तीसरा खंड लाखनौर से गणेशपुर तक 41 किलोमीटर लंबा और चौथा खंड गणेशपुर से देहरादून के आशारोड़ी तक 19 किलोमीटर लंबा है।
अंतिम चरण में 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड है, जो एशिया का सबसे लंबा वन्य जीव गलियारा भी है। इस एलिवेटेड रोड पर बीते वर्ष अक्तूबर में वाहनों का ट्रायल भी सफल रहा है। अब इस पर डाट काली मंदिर जाने वाले यात्रियों के लिए वायाडक्ट का निर्माण चल रहा है। एक्सप्रेस वे के पहले और चौथे चरण का काम जहां पूरा है वहीं दूसरे और तीसरे खंड का काम भी अंतिम चरण में चल रहा है। बरसात के कारण कुछ जगह काम प्रभावित हुआ है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सदन को अवगत कराया कि परियोजना के निर्माण में कुल 17913 पेड़ों को काटा कर स्थानांतरित किया गया है। इसकी भरपाई के लिए वन विभाग की तरफ से 22.05 करोड़ रुपये की लागत से 157.2 हेक्टयर भूमि में पौधारोपण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त एनएचएआई की तरफ से भी हाईवे के दोनों तरफ 50600 पौधों का रोपण किया गया है।
ये बोले
तीसरे खंड का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इसके नौ पुलों को चला दिया गया है। केवल बिहारीगढ़ के एलिवेटेड रोड पर थोड़ा काम बाकी है। बारिश की वजह से कुछ दिक्कतें आई हैं। सर्विस रोड का काम भी चल रहा है। अगस्त के आखिर तक सभी निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
- प्रदीप गुसांई, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई