चिलकाना(सहारनपुर)। सुलतानपुर में पैमाइश के दौरान अधिकारियों के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाले किसान वेदप्रकाश की बुधवार तड़के दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई। पता चलते ही किसान संगठनों की भीड़ गांव में पहुंच गई, जो दिन भर वहीं पर रहे। तनाव देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया। देर रात शव गांव में पहुंचा।
सुलतानपुर गांव निवासी किसान सरदार वेदप्रकाश का जैन समाज के साथ करीब पौन बीघा जमीन के टुकड़े को लेकर विवाद चल रहा है। इस पर वेदप्रकाश का कब्जा है। अक्तूबर 2024 में अदालत ने जैन समाज के पक्ष में फैसला सुना दिया था। उस फैसले के अनुपालन में आठ मार्च को दोपहर के समय एसडीएम सदर अंकुर वर्मा राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ कब्जा दिलाने पहुंचे थे।
इसी दौरान वेदप्रकाश ने इंजन में डीजल निकालकर खुद को आग लगा ली थी। हालांकि परिजन तभी से आरोप लगा रहे हैं कि साजिश के तहत तेल डालकर जिंदा जलाया गया है। वेदप्रकाश की मौत का पता चलते एडीएम-ई डॉ. अर्चना द्विवेदी सुबह ही अन्य अधिकारियों और पुलिस बल के साथ गांव में पहुंची।
दिन भर किसान नेताओं का भी आवागमन रहा। रात करीब साढ़े आठ बजे गांव में शव पहुंचा। डीएम और एसएसपी कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ गांव में डटे रहे।