शाकंभरी। सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी पर्व पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण तड़के सुबह से ही मां के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। चारों ओर जय मां शाकंभरी और जय माता दी के जयघोष से सिद्धपीठ गुंजायमान हो उठा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालुओं ने सबसे पहले शिवालिक की पावन गोद में विराजमान बाबा भूरादेव के दर्शन किए। इसके पश्चात मां शाकंभरी के भवन पहुंचकर श्रद्धा व भक्तिभाव से शीश नवाया। भीषण गर्मी में लंबी कतारों में लगे भक्तों ने धैर्य और भक्ति भाव के साथ मां के दर्शन कर देश की उन्नति एवं परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की।
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अक्सर रविवार को सिद्धपीठ में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सिद्धपीठ क्षेत्र में भीड़ नियंत्रित करने के लिए भूरादेव से पूर्व नागलमाफी में सभी वाहनों को रोक दिया गया। श्रद्धालुओं को शाकंभरी नदी के रास्ते खोल की ओर भेजा गया, जिससे मंदिर क्षेत्र में लंबी कतारें नहीं लग सकीं।
उधर शिवालिक की पहाड़ियों के मध्य स्थित बाबा भूरादेव मंदिर से करीब पांच किलोमीटर दूर पहाड़ियों में विराजमान शहंश्रा ठाकुर मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने पावन बाण गंगा में स्नान कर ठाकुर जी के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके अलावा देर शाम तक संकटमोचन हनुमान मंदिर बगलामुखी एवं छिन्न मस्तका मंदिर, साकेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दर्शन लाभ कमाया।