बिहारीगढ़। महिला चिकित्सक द्वारा फार्मासिस्ट को थप्पड़ मारने को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंच कर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी ने किसी तरह ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत किया। ग्रामीणों ने चेताया कि चार दिन में चिकित्सक का स्थानांतरण नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
बिहारीगढ़ स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल के फार्मासिस्ट प्रवेश कुमार ने बताया कि वह मंगलवार को अस्पताल में मरीजों को दवाई दे रहे थे। वह दवाई खाने के तरीके और परहेज आदि बता रहे थे, इसी दौरान महिला चिकित्सक उनके कक्ष में आईं और उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। पास बैठे मरीज भी इस रवैये पर आश्चर्यचकित रह गए। मरीजों ने यह बात कस्बे के जिम्मेदार लोगों को बताई तो वे बुधवार को व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रवेश कांबोज, ग्राम प्रधान बाबूराम के नेतृत्व में इकट्ठा होकर अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने महिला चिकित्सक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हंगामा बढ़ने पर सहारनपुर से क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डा. रामकृपाल यादव अस्पताल पहुंचे। जहां उनके समक्ष ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं आती हैं। उनका रोगियों के साथ ही व्यवहार ठीक नहीं है। इसी दौरान महिला चिकित्सक के पति भी आ गए जिनकी ग्रामीणों के साथ जमकर नोकझाेंक हुई। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। ग्रामीणों ने चेताया कि चार दिन में चिकित्सक का स्थानांतरण नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
हंगामा करने वालों में उत्तम सिंह चौहान, धर्मवीर सैनी, राजकुमार बत्रा, राजकुमार रोहिल्ला, बाबूराम, सुबोध कुमार, वहीद, इनाम, मुकेश चौहान, राम रतन जयसवाल, चरण सिंह, लाखन सिंह, मांगेराम, देवेंद्र कुमार, बबली कांबोज, देवेंद्र कांबोज, रणधीर सैनी आदि शामिल रहे।
उधर महिला चिकित्सक डा. पूनम त्रिपाठी ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। जबकि डा. रामकृपाल यादव ने बताया कि उन्होंने प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। वहां से जो भी निर्देश होंगे उन पर अमल किया जाएगा।
थानाध्यक्ष ने बताया कि फार्मासिस्ट ने महिला चिकित्सक के खिलाफ तहरीर दी है जिसकी जांच की जा रही है।