सर्वे को लेकर नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। निगम ने कब्रिस्तान पर एक लाख रुपये का टैक्स लगा दिया। हद तो तब हो गई जब निगम का एक कर्मचारी मानकमऊ स्थित कब्रिस्तान में बिल लेकर पहुंच गया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद गृहकर अनुभाग के अधिकारियों को बिल शून्य करना पड़ा।
महानगर में संपत्तियों पर वर्ष 2015 में टैक्स लगाया गया था। तब करीब 1.43 लाख भवन टैक्स के दायरे में आए थे। अब शासन द्वारा जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) के माध्यम से सर्वे कराया गया है, जिसमें टैक्स के दायरे में आने वाले कुल भवनों और संपत्तियों की संख्या करीब 2.13 लाख हो गई है। यानी नए भवन और संपत्तियां जुड़ी हैं। लेकिन इस सर्वे में ऐसी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं कि जिन संपत्तियों पर टैक्स नहीं लगना था, उन पर भी लगा दिया गया है।
ताजा मामला मानकमऊ स्थित बस अड्डे के पीछे के कब्रिस्तान का है, जिस पर एक लाख रुपये से अधिक का टैक्स लगा दिया गया। इतना ही नहीं, नगर निगम का वासिब नाम का कर्मचारी बिल लेकर कब्रिस्तान भी पहुंच गया, लेकिन वहां किसी व्यक्ति के नहीं मिलने पर उसे लौटना पड़ा। पता चलने के बाद गृहकर अनुभाग के अधिकारियों ने बिल को शून्य कर दिया है।