श्रम विभाग में अनियमितताओं के आरोपों के चलते उप श्रमायुक्त वंदना को निलंबित कर दिया गया है। शासन ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। दरअसल एक अस्पताल के निर्माण के लिए तमाम शुल्क देने के बाद भी आईएमए अध्यक्ष से 18 लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी कर दिया गया, जो कि जांच में गलत पाया गया।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. प्रवीण शर्मा ने मल्हीपुर सड़क पर एक निजी अस्पताल का निर्माण शुरू किया था। नियमानुसार उन्हें श्रम विभाग में शुल्क जमा कराना था। वंदना पर आरोप है कि उन्होंने कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम के तहत 18 लाख रुपये की वसूली का आदेश दिया। यह आदेश विधिक प्रावधानों की अनदेखी करते हुए दिया गया था।
डॉ. प्रवीण शर्मा ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की थी। शासन ने जांच कराई गई, जिसमें वंदना दोषी पाई गईं। उन पर बोर्ड को वित्तीय नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है। निलंबन अवधि में वंदना मुख्यालय से संबद्ध रहेंगी। इस मामले में डॉ. प्रवीण शर्मा ने बताया कि मैंने मल्हीपुर रोड पर अस्पताल के भवन का निर्माण शुरू करने से पहले नियमानुसार तमाम औपचारिकताएं पूरी कीं, लेकिन श्रम विभाग में उप श्रमायुक्त द्वारा नियम विरुद्ध जाकर परेशान किया गया। तब मामले की शिकायत की थी।
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