सहारनपुर निवासी बसपा से पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया है। लखनऊ की पीएमएलए की विशेष कोर्ट ने इसका आदेश जारी कर दिया। सहारनपुर में भी हाजी इकबाल के खिलाफ विभिन्न मामलों में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। फरवरी 2026 में 275 करोड़ रुपये की 50 संपत्तियां कुर्क हुई थीं। इससे पहले भी 203 करोड़ की 148 संपत्तियां चिह्नित की जा चुकी हैं। गैंग से जुड़ी कई बेनामी संपत्तियां भी हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व एमएलजी हाजी इकबाल की विदेश संपत्तियां को जब्त करेगा। इसके लिए ईडी ने उसकी अब तक 5000 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्तियों को जब्त किया है। अब उसकी करीब एक हजार करोड़ की अन्य संपत्तियों पर भी कार्रवाई होगी। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, अवैध खनन, जमीन कब्जाने, धोखाधड़ी और खैर चोरी आदि मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।
फरवरी में तहसील प्रशासन ने मिर्जापुर व बेहट पुलिस के साथ करीब 275 करोड़ रुपये मूल्य की 50 संपत्तियों को कुर्क किया था। तहसील बेहट क्षेत्र के पांच गांव शेरपुर पैलो, शाहपुर गाड़ा, मिर्जापुर, अली अकबरपुर और रोशनपुर पेलो में स्थित भूमि को कुर्क किया था। हाजी इकबाल उर्फ बाला, उसके बेटे आलीशान, अब्दुल वाजिद, जावेद, अफजाल, कर्मचारी नसीम, राव लईक निवासी रायपुर के नाम पर वर्ष 2022 में कोतवाली मिर्जापुर में गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी मामले की विवेचना के आधार पर उसकी चल-अचल संपत्तियों की पहचान कर कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।
बता दें कि इससे पहले भी जिला प्रशासन और पुलिस हाजी इकबाल गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। पूर्व में 203 करोड़ रुपये मूल्य की 148 संपत्तियों को चिन्हित कर कुर्की के आदेश जारी किए गए थे। वहीं अलग-अलग चरणों में 438 बीघा भूमि समेत करोड़ों की संपत्तियां पहले ही जब्त की जा चुकी हैं।
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