एक-एक लड़की के बयान लिए गए, जिसमें छेड़खानी की बात झूठी निकली, लेकिन अव्यवस्थाओं के आरोप सही पाए गए। इसके बाद चलते जिलाधिकारी की संस्तुति पर प्रबंधक, अधीक्षिका, शिक्षिका, रसोइये की सेवा समाप्त कर दी गई। वहीं, थाना जनकपुरी पुलिस ने मामले की जांच की। एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि छेड़खानी के आरोप झूठे निकले हैं। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।
कुछ गलत मांगें की गईं : पांडेय
जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि तीन लड़कियों ने कुछ मांगे ऐसी रखी, जिनको पूरा नहीं किया जा सकता है। इसी के चलते उन्होंने छेड़खानी का आरोप लगा दिया। मगर, यह मांगे किसी सूरत में पूरी नहीं हो सकती है। वहीं, लड़कियों ने बाल गृह (बालिका) में अव्यवस्थाओं के जो आरोप लगाए थे, उन पर कार्रवाई कर दी गई है। पूरे मामले की जांच भी कराई गई है।
बाहरी व्यक्ति का नहीं होगा प्रवेश
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि बाल गृह (बालिका) में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश नहीं है। तीन लड़कियां कुछ अनुचित मांग कर रहीं थीं। मगर, इनको पूरा नहीं किया जा सकता है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी गई है, लेकिन कोई भी बाल गृह (बालिका) बिना अनुमति के नहीं जा सकता है।