गंगोह कोतवाली के गांव कुंडाकला निवासी किसान नफीस अहमद 50 बीघा जमीन का मालिक है। उसके दो बेटी और पांच बेटो में नदीम सबसे बड़ा है। नदीम का परिवार मूल रूप से सरसावा थानाक्षेत्र के गांव ढिक्का कलां का रहने वाला है। कई साल पहले यह परिवार गांव कुंडा कला में आकर रहने लगा था।
आठवीं तक पढ़ा नदीम पहले गांव में ही किरयाना की दुकान करता था। बाद में वह देहरादून जाकर एक फैक्टरी में काम करने लगा। बताया गया है कि देहरादून में रहते हुए वह कुछ कश्मीरी युवकों के सम्पर्क में आया था। वह अक्सर गांव आता था। हमेशा शांत रहने वाला नदीम गांव आकर पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था।
नदीम के एटीएस द्वारा पकड़े जाने से परिजनों को यकीन नहीं हो रहा है कि वह आतंकियों के सम्पर्क में था। पिता नफीस का कहना है कि उसकी बुआ पाकिस्तान में है, बेटा शायद उससे ही बात करता हो। मैं तो अनपढ़ हूं, कुछ ज्यादा नहीं जानता। हां बेटा देर रात तक मोबाइल पर बाते करता रहता था। उधर, ग्रामीण वाशित, मशरुर राना, इलियास का कहना है कि नदीम के आतंकी कनेक्शन होने से ग्रामीण हैरत में हैं, क्योंकि उसे देख कर नहीं लगता था कि वह आतंकियों के सम्पर्क में है।
पाकिस्तान में है रिश्तेदारी
नदीम के पिता नफीस अहमद ने बताया कि पाकिस्तान में उनकी कुछ रिश्तेदारी है। उसकी पत्नी जरीना की एक बुआ बशीरी पाकिस्तान के जिला खरखौदा में है। दूसरी बुआ नवाबशाह पिंड पाकिस्तान में है। इसके अलावा नफीस की एक बुआ पाकिस्तान के जिला कुशुर गांव बरखी में है। नदीम भी अक्सर रिश्तेदारों से बातचीत करता रहता था।