इसके बाद कोतवाली पुलिस ने महालपुर थाने की पुलिस से संपर्क किया। शव की बरामदगी के बारे में पूछताछ की। इसके बाद महालपुर पुलिस बुधवार सुबह गंगोह पहुंची और दोनों आरोपियों को अपने साथ ले गई। अमित गाड़ियों की खरीद फरोख्त का कार्य करता था। उसके पिता और बड़ा भाई गांव के ही बिजलीघर पर संविदाकर्मी हैं। उसकी मौत से परिजनों के साथ ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
यह भी पढ़ें: Baghpat: भाजपा प्रत्याशी के घर पर पथराव, चपेट में आया वायुसेना के जवान का भी मकान, जानें- पूरा मामला
पहचान मिटाने के लिए नाम लिखे हाथ काट कर फेंके
परिजनों ने बताया कि अमित 10 अप्रैल को हरिद्वार जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसका बड़ा भाई विनीत उसे 11 बजे के आसपास गंगोह छोड़ गया था। इसके बाद अमित से कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि महालपुर में 12 अप्रैल को पुलिस को अर्धनग्न अवस्था में अमित का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। हत्यारों ने गला घोंटकर उसकी हत्या की थी और हाथ पर नाम गुदा होने के चलते पहचान मिटाने के उद्देश्य से उसके दोनों हाथों को भी काटकर कहीं अन्यत्र फेंक दिया था। शव पर केमिकल भी डाला गया था। शव की पहचान न होने पर महालपुर पुलिस ने अपने यहां मामला दर्ज कर 16 अप्रैल को उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।