शहर के खाताखेड़ी स्थित बड़े मैदान में रविवार से शुरू तब्लीगी इज्तमा में शाम तक हजारों अकीदतमंद पहुंचे। यहां उन्हें पूरी दुनिया तक दीन का पैगाम पहुंचाने पर जोर दिया गया। जमातों का गठन किया गया और मुस्लिम समाज के करीब 250 जोड़ों का निकाह भी कराया गया।
आयोजन में शिरकत करने के लिए जिले के अलावा बाहरी शहरों से भी काफी संख्या में शनिवार की रात से ही अकीदतमंद पहुंचने शुरू हो गए।
तब्लीगी इज्तमा में मौलवी हदीबुर्रहमान इलाहाबादी, मुफ्ती उस्मान गनी, मौलाना जमशेद सहित अन्य ने दीन का पैगाम दुनिया तक पहुंचाने के साथ ही इमानदारी से अल्लाह के रास्ते पर चलने और देश के कोने कोने तक दीनी तालीम के प्रचार प्रसार पर जोर दिया। इन तकरीरों के साथ ही इसी पांडाल में अकीदतमंदों ने नमाज अदा की।
खुद ही किया ट्रैफिक कंट्रोल का इंतजाम
इस आयोजन में खिदमत दे रहे हाजी इलियास, हाजी मोहम्मद इकबाल, हाजी सालिम, हाजी अदनान, कारी मोहम्मद सलमान, अय्यूब, शहजाद आदि ने बताया कि रास्ते में अकीदतमंदों को तकलीम न हो और अन्य राहगीरों को परेशानी न आए।
इसके लिए बिना किसी पुलिस की मदद के ही रास्ते में फट्टे, स्टूल, चारपाई और पन्नी तक लगाकर दो रूट बनाए गए। इसके अलावा दस से भी अधिक जगहों पर दुपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग स्थल बनाए गए। बैरियर लगवाए गए। इन बैरियरों पर 500 से भी अधिक युवाओं को लगाया गया।
रोजी रोटी की फिक्र छोड़ खिदमत में जुटे
30 हजार से भी अधिक की आबादी वाले खाताखेड़ी क्षेत्र में वुडकार्विंग की औद्योगिक इकाइयों से लेकर तमाम तरह के प्रतिष्ठानों को बंद रखा गया। मंडी समिति रोड से लेकर खाताखेड़ी के बड़े मैदान तक करीब 12 किमी के दायरे में हर कदम पर आयोजन में पहुंचने वाले अकीदतमंदों के लिए खिदमतगार मौजूद रहे।
खानपान, रात में सोने के लिए आश्रय स्थल, कपड़े आदि से लेकर चिकित्सा तक के इंतजामों के लिए दर्जनों शिविर लगाए गए। लोग इज्तमा में पहुंचने वालों की खिदमत में लगे रहे।