जनपद को मिला 13 हजार 300 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य
लक्ष्य की अभी तक करीब चार फीसदी सकी धान की सरकारी खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। धान की सरकारी खरीद एक अक्तूबर से शुरू हो चुकी है। इसके एक महीने बाद भी जनपद के 24 क्रय केंद्रों में से सिर्फ 21 पर ही धान खरीद हुई है। तीन क्रय केंद्रों पर अभी तक खाता नहीं खुल सका है। ऐसे में सरकारी धान खरीद का लक्ष्य पूरा करना चुनौती से कम नहीं। जनपद को 13 हजार 300 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला है। अब तक मात्र 452.69 मीट्रिक टन धान ही खरीदा जा सका है।
किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के उद्देश्य से सरकार धान की सरकारी खरीद कराती है। जनपद में करीब 58 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती होती है। इसमें से बासमती धान का क्षेत्रफल लगभग 48 हजार हेक्टेयर है। किसान बासमती धान को मंडी में आढ़त पर बेचते हैं। हालांकि सामान्य किस्म के धान को सरकारी क्रय केंद्र पर बेचा जाता है। सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए किसान का पंजीकरण अनिवार्य है।
जनपद में इस बार 1115 पंजीकरण हुए हैं। धान खरीद शुरू होने के एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद अभी तक मात्र 150 किसानों ने ही धान की बिक्री सरकारी क्रय केंद्रों पर की है। जिले में अब तक करीब 452.69 मीट्रिक टन धान की सरकारी खरीद हो सकी है। ऐसे में धान खरीद के लक्ष्य तक पूरा करना चुनौती से कम नहीं है।
पंजीकृत किसानों से किया जा रहा संपर्क
जनपद में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए एक हजार 115 किसानों ने पंजीकरण करा रखा है। इनमें से सिर्फ 150 किसानों ने ही अभी तक धान की बिक्री सरकारी क्रय केंद्रों पर की है। विभाग ने क्रय केंद्र प्रभारियों को पंजीकृत किसानों की सूची सौंपकर संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। इससे यदि उनके पास धान हो तो सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद हो सके।
वर्जन
जनपद में अब तक लक्ष्य का करीब चार फीसदी धान की खरीद हो सकी है। 24 में से तीन खरीद केंद्रों पर तो खाता भी नहीं खुला है। इनमें गांगनौली, अनवरपुर बरोली और घाटेड़ा शामिल हैं। जिले के सभी क्रय केंद्रों पर खरीद के लिए व्यवस्था चाक चौबंद हैं।-संजीव राय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी