बड़गांव (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांव दल्हेड़ी में कैंसर से पीड़ित चल रही दो महिलाओं की मौत हो गई। दो दिन में दो महिलाओं की कैंसर से मौत के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने कहा सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गांव की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।
ब्लाक नानौता के गांव दल्हेड़ी में कैंसर का प्रकोप रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। मंगलवार की शाम गले के कैंसर से पीड़ित सुभाष सिंह उर्फ सूभे सिंह की 52 वर्षीय पत्नी मंजू की मौत हो गई। अभी उनकी चिता की आग ठंडी भी नहीं हो पाई थी कि बुधवार की दोपहर घनश्याम सिंह की 58 वर्षीय पत्नी करेशना की छाती के कैंसर से दिल्ली के हायर सेंटर में मौत गई। दोनों महिलाओं को पिछले तीन वर्ष से कैंसर की बीमारी थी। परिजनों ने हायर सेंटरों में पीड़ितों का उपचार कराया, लेकिन उनकी जिंदगी नहीं बच सकी। गांव निवासी सुरेंद्र सिंह, कंवर सिंह आदि ने बताया कि पिछले पांच साल से उनके गांव में कैंसर से सतपाल, कृष्णा देवी, जयपाल सिंह, करेशनी, ज्ञानू, चतर पाल, विद्या, धर्मबीर सहित 25 से ज्यादा लोग मर चुके हैं। आरोप है कि अनेक बार स्वास्थ्य विभाग सहित प्रशासन से मदद की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई भी सुध लेने तक गांव नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगे सरकारी हैंडपंपों का पानी भी प्रदूषित हो चुका है, जो पीने के लायक नहीं रहा तथा गांव में स्वच्छ पेयजल संबंधित कोई व्यवस्था नहीं है। गांव में स्थित तालाब गंदगी से अटा पड़ा है। ग्रामीणों ने शीघ्र ही गांव में स्वच्छ पेयजल हेतु पानी की टंकी तथा गंदगी से अटे पड़े तालाब की साफ सफाई कराने की मांग प्रशासन से की है। एसीएमओ डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर ने कहा शीघ्र ही टीम भेज कर जांच कराई जाएगी। गांव से पानी के नमूने लिए जाएंगे और उन्हें जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा जाएगा।