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सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को 20-20 साल का कठोर कारावास

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सामूहिक दुष्कर्म में दो को 20-20 साल का कठोर कारावास
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सहारनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) पारितोष श्रेष्ठ के न्यायालय ने सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपियों को 20- 20 साल की कठोर कारावास और 40- 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। मामले में संदेह का लाभ मिलने पर एक आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। जबकि चौथे आरोपी की जेल में पहले ही मौत हो चुकी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश सहल ने बताया कि 8 जुलाई 2017 को बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव में युवती को घेर में खींचकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी। युवती उस समय बैंक शाखा जा रही थी। मामले में पीड़िता की तरफ से तहरीर पर आरोपी राजीव पुत्र सत्यप्रकाश निवासी जड़ौदा पांडा, अनिल पुत्र प्रकाशचंद निवासी जड़ौदा पांडा, अनुज प्रताप पुत्र राजकुमार निवासी फलौदा (मुजफ्फरनगर) और धर्मेंद्र पुत्र दसई मुखिया निवासी दरभंगा बिहार के खिलाफ बड़गांव थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद विवेचना पूर्ण होने पर अदालत में चार्जशीट दाखिल की। आरोपी धर्मेंद्र की 2019 में जेल में बंद रहने के दौरान मौत हो गई थी।
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यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) पारितोष श्रेष्ठ के न्यायालय में चला। दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के उपरांत शुक्रवार को आरोपी अनिल और अनुज पर दोष सिद्ध हुआ, जिसके बाद सजा पर सुनवाई के लिए शनिवार की तारीख लगाई गई।
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न्यायालय ने शनिवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाया। आरोपी अनिल और अनुज को 20-20 साल का कठोर कारावास तथा 40- 40 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी राजीव को संदेह का लाभ मिलने पर दोष मुक्त करने का आदेश न्यायालय ने दिया।
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